मौसम की मार:बारिश व ओलावृष्टि से 1500 एकड़ में लगी दलहन, तिलहन की फसल बर्बाद

सोनो4 दिन पहले
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  • मौसम की मार झेल रहे किसानों ने सरकार से फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की
  • मक्के और गेंहू की फसल को सर्वाधिक नुकसान

एक तरफ जहां सर्द मौसम ने लोगों को परेशान कर रखा है। वहीं, दूसरी तरफ बुधवार शाम में अचानक मौसम बदलने के बाद हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। तेज बारिश और ओलावृष्टि की वजह से जहां ठंड बढ़ी है वहीं दूसरी तरफ इसकी वजह से गेंहू, तिलहन, दलहन और साग सब्जी की फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों ने सरकार से मांग की है कि उनकी फसलों के नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। दरअसल, बुधवार की शाम मौसम ने अचानक करवट ली और प्रखंड के रजौन, टहकार, गढ़टांड, हीराटांड, महेश्वरी, मरियमपहाड़ी सहित कई गांवों में तेज बारिश होने लगी। जब तक लोग कुछ समझ पाते सोनो व चरकापत्थर थानाक्षेत्र के दर्जनों गांवों मे तेज हवा और बारिश के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। आलम यह था कि देखते ही देखते खेतों में और सड़क पर आसमान से बरसती बर्फ की परतें जमा हो गई। कई ग्रामीणों ने आसमान से बरसती इस आफत को अपने कैमरे में भी कैद किया।

सरसों व चना की फसल को भी नुकसान
अचानक हुई बरसात और ओलावृष्टि से चना, सरसों, मकई, गेहूं और सब्जी की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। चरकापत्थर थानाक्षेत्र के रजौन गांव के किसान कृष्णा रविदास, तूफानी साह, हिदायत अंसारी, अनवर अंसारी, कमरुद्दीन अंसारी, रामखेलावन दास ने बताया कि क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली। कर्ज लेकर फसल लगाया था लेकिन सब कुछ चौपट हो गया। ढोलाजोर गांव के किसान संदीप कुमार सिंह, दयानंद सिंह, रंजय सिंह, अनंत सिंह, नरेश सिंह, मनीष सिंह, रविंदर सिंह, टुनटुन सिंह आदि ने बताया कि इस बार गांव में तकरीबन डेढ़ सौ एकड़ में सरसों की खेती की गई थी। सरसों फुले हुए थे लेकिन यह ओलावृष्टि हमारी फसलों पर नहीं मालूम पड़ता हमारी किस्मत पर हुआ है।

तेज बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की तोड़ दी कमर
तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भी सरकार व प्रशासन से किसानों को अविलंब मुआवजा देने की मांग की है। पश्चिमी क्षेत्र से जिला परिषद सदस्य जुबैदा खातून ने कहा कि अब किसानों को सरकारी मदद की आस है। ओलावृष्टि ने छुछुनरिया, लालीलेवार, थम्हन, महेश्वरी, केशोफरका आदि पंचायतों के किसानों के सरसों, अरहर, चना, गेहूं, सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है।

किसान सलाहकार कर रहे नुकसान का आकलन
विभाग किसान सलाहकारों की सहायता से फसल क्षति का आकलन कर रही है। तकरीबन 15 सौ एकड़ में लगी दलहन, तिलहन फसलों को नुकसान हुआ है। रबी को नुकसान कम है। 33 फीसद से अधिक नुकसान होने पर किसानों को आपदा के तहत सहायता दी जाएगी। 33 फीसद से अधिक नुकसान होने पर किसानों को फसल सहायता योजना का लाभ दिया जाएगा।
-सूर्यदेव महतो, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सोनो

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