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प्रेरणात्मक:दवा के अलावे अपनों का साथ और घरेलू उपचार बहुत जरूरी

बलुआ बाजार2 महीने पहले
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  • बिशनपुर शिवराम निवासी संजीव शर्मा, कमलेश मेहता और अरविंद मेहताा ने कोरोना से जीत की अपनी कहानी बताई
  • वायरस से निगेटिव होने के लिए पॉजिटिव सोच जरूरी, निश्चित तौर पर मिलेगी जीत

लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद अपने हौसले एवं डॉक्टरों की सलाह मानकर कोरोना को मात दे रहे हैं। कोरोना को मात देकर 10 दिन बाद क्वारेंटाइन सेंटर से स्वस्थ्य होकर घर लौटे बिशनपुर शिवराम निवासी संजीव शर्मा ने बताया कि कोरोना से स्वस्थ होने में मित्रों द्वारा लगातार हौसला अफजाई करते रहना लाभकारी सिद्ध हुआ। कोरोना को हराने के लिए डॉक्टर की दवा के साथ मरीज के परिजनों का परोक्ष रूप से साथ जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले कुछ दिनों तक तेज बुखार आता था और चला जाता था। इसके बाद जोगबनी में डॉक्टर को दिखाने के बाद भी स्थिति में कुछ सुधार नहीं हो रहा था। शुरुआत में समझ में नहीं आया कि कोरोना हुआ है। 19 अप्रैल को फारबिसगंज में टेस्ट कराने के बाद रिपोर्ट निगेटिव आने पर लगा कि सीजनल फीवर है, ठीक हो जाएगा। फिर 25 अप्रैल को अचानक तबियत ज्यादा बिगड़ गई, सांस लेने में थोड़ी तकलीफ होने लगी। स्थिति बिगड़ता देख परिजन फिर से फारबिसगंज स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर के क्लीनिक पर ले गए। वहां डॉक्टर ने उसे ऑक्सीजन सिलेंडर व्यवस्था करने को कहा, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर की कहीं भी व्यवस्था नहीं हो पाई।

दूसरे दिन से ही स्थिति में होने लगा था सुधार, दोस्तों ने बढ़ाया हौसला
ऐसे में एक मित्र ने उनका भरपूर साथ दिया। उन्होंने तुरंत वीरपुर अस्पताल आने को कहा। वहां उनके पहुंचने से पहले डॉक्टर और अधिकारियों से बात कर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करा दी। हालांकि उस ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत उसे नहीं पड़ी। अस्पताल में कोविड जांच कराने पर रिपोर्ट पॉजिटिव आई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार कर सुपौल के सुखपुर स्थित क्वारेंटाइन सेंटर भेज दिया। दूसरे दिन के बाद से स्थिति में सुधार होता गया। परिजनों और मित्र लगातार फोन से हौसला बढ़ाता रहा। उन्होंने बताया कि कोविड को हराने में उन्हें कई दिन लगे।

‘डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप बढ़ते गए आगे’
मधुबनी के वार्ड-10 के निवासी कमलेश मेहता उर्फ मुन्ना व अरविंद मेहता कोरोना से जिंदगी की जंग जीत कर स्वस्थ हो घर लौट चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हल्की तबियत बिगड़ने के बाद प्रतापगंज पीएचसी में कोरोना की जांच कराई। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। डॉक्टरों ने उन्हें जरूरी दवाई देने के बाद होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी। पॉजिटिव होने की बात सुनकर मन विचलित हो गया, लेकिन आदमी के भीतर किसी भी बीमारी से लड़ने की इच्छा शक्ति हो तो वो जरूर स्वस्थ हो जाता है। बस इसको ध्यान में रखा और डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप आगे बढ़ते गए। उन्होंने बताया कि दवाई तो काम आई है। इसके अलावे घरेलू उपचार भी कोरोना को मात देने के लिए काफी कारगर साबित हुआ। उन्होंने लोगों से अपील की कि कोरोना होने पर घबराए नहीं, उससे लड़ने के लिए जरूरी तरीके अपनाएं, लेकिन इसमें सतर्कता बहुत जरूरी है। दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं।

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