आयोजन:12 को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण के तहत होगी छात्रों की मूल्यांकन परीक्षा

सुपौल25 दिन पहले
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  • जिले के 169 सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय के बच्चे होंगे परीक्षा में शामिल
  • एक कक्षा में अधिकतम 30 छात्र होंगे परीक्षा के दौरान शामिल

जिले में 12 नवंबर को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण(एनएएस) के तहत मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले के 169 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के तीसरी, पांचवीं, आठवीं एवं दसवीं कक्षा के विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें सरकारी सहित सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालय को शामिल किया गया है। एनएएस का उद्देश्य राजकीय स्कूलों के विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता का आकलन करना है। इसके आधार पर भविष्य में शैक्षणिक आवश्यकताओं का ध्यान रखते हुए कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों में सीखने में सुधार लाने के लिए कार्य योजना बनाई जा सकेगी। छात्रों का सर्वे कार्य एनसीइआरटी व सीबीएसई के सदस्यों द्वारा किया जाएगा।

शैक्षणिक सुधार के मद्देनजर किया जा रहा है सर्वे
विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने के लिए एवं उनकी शैक्षणिक स्तर को जानने के लिए एनएएस सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए विद्यालयों में प्रैक्टिस टेस्ट और माॅक टेस्ट लिए जा रहे हैं। इस बार सर्वे में भाषा, गणित, विज्ञान पर्यावरण अध्ययन व सामाजिक अध्ययन विषय में उपलब्धि परीक्षण का आयोजन किया जाएगा। एक कक्षा में अधिकतम 30 विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाएगी। परिणाम के आधार पर देखा जाएगा कि शिक्षा के मामले में कौन सा राज्य राष्ट्रीय स्तर पर किस स्थान पर है, वहीं राज्य में कौन सा जिला किस स्थान पर यह सुनिश्चित होगा। वहीं पिछड़ने वाले राज्यों या जिलों के लिए विशेष कार्य योजना बनाई जाएगी।

समय से स्कूल खोलकर शत-प्रतिशत बच्चों की हो उपस्थिति
वहीं प्राईवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एम वली उल्लाह ने जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्य से आग्रह करते हुए कहा कि 12 नवंबर को सुबह 6 बजे से विद्यालय खोलकर जिस वर्ग के बच्चों का चयन किया गया है, उस बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थित दर्ज कराएं। ताकि समय से बच्चे परीक्षा में शामिल हो सकें। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कोई परेशानी होती है तो वह अपने-अपने प्रखंड स्तर के बीईओ से संपर्क कर सकते हैं।

परीक्षा के सफल आयोजन के लिए किया गया टीम का गठन
डीईओ सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि स्कूलों में बच्चों की सीखने की उपलब्धियों का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण किया जा रहा है। पिछले बार राष्ट्रीय स्तर पर सर्वेक्षण 2017 में कक्षा तीन, पांच व आठ के लिए और 2018 में कक्षा 10 वीं के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण का उद्देश्य विद्यालय का शिक्षा स्तर सुधारने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा विकसित एक सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसके तहत कक्षा तीन, पांच आठ व कक्षा 10 के छात्रों की सीखने के स्तर का मूल्यांकन के लिए परीक्षा आयोजित की जाती है। उन्होंने बताया कि परीक्षा को सफल बनाने के लिए टीम का गठन किया गया है।

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