पुलिस की कार्रवाई:तीन दिन से सोनू से मांग रहा था बाइक नहीं देने पर हीरा ने गोली मार की हत्या

सुपौल/किसनपुर2 महीने पहले
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शनिवार को मृत के घर बैठे गमगीन परिजन और नाबोध बच्चे को गोद लिए बदहवास पत्नी। - Dainik Bhaskar
शनिवार को मृत के घर बैठे गमगीन परिजन और नाबोध बच्चे को गोद लिए बदहवास पत्नी।
  • किसनपुर में दोस्त की हत्या के बाद बवाल मामले में दर्जन से अधिक पर केस
  • इकलौते पुत्र सोनू साह की हत्या मामले में एक पर प्राथमिकी दर्ज

जिले के किसनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अभुआर में शुक्रवार की दोपहर हुई सोनू की गोली मार कर हत्या मामले में मृतक के पिता बहादुर साह के आवेदन पर थाने में हीरा झा के विरूद्ध मामला दर्ज किया गया है। मृतक की मां जालो देवी रोते हुए बोल रही है कि सोनू मेरा एकलौता बेटा था। जो हमारे बुढ़ापे का सहारा था। तीन दिन से हत्यारा बाना उर्फ हीरा झा सोनू से बाइक की मांग कर रहा था। जिसे बाइक नहीं देने पर जान मारने की धमकी भी दे रहा था। इसे मजाक समझकर सोनू टाल रहा था। उसे क्या पता था कि यह मजाक नहीं है। हीरा सच में उसकी हत्या कर देगा। पुलिस को दिए आवेदन में कहा गया है कि शुक्रवार की सुबह करीब 11:30 बजे अभुआर के हीं वार्ड 02 निवासी हीरा झा उर्फ बाना झा ने सोनू साह की देसी पिस्टल से परिहार बाबा स्थान के समीप गोली मार कर हत्या कर दी। जिसे कई लोगों ने देखा है। इसे लेकर किसनपुर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने कहा कि इस मामले में थाना केस दर्ज कर धारा 302 एवं 27 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इधर, मृतक सोनू के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद शनिवार की सुबह अंतिम संस्कार किया गया। सोनू के शव को चचेरे भाई रविकांत साह ने मुखाग्नि दी। मृतक की पत्नी पूजा देवी पति की हत्या की सूचना मिलने के बाद मायके से शुक्रवार की देर शाम अभुआर स्थित ससुराल पहुंची। जिसका रो-राेकर बुरा हाल है।

पुलिस कर्मियों ने तानी पिस्टल लेकिन नहीं की बुलेट फायरिंग

सोनू की हत्या के बाद किसनपुर बाजार में हुए बवाल के दौरान पुलिसकर्मी का उपद्रवियों पर पिस्टल ताने फोटो तेजी से वायरल हाे रहा है। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस ने रबड़ बुलेट फायरिंग के पूर्व गोली भी चलाई थी। जबकी कुछ प्रत्यक्षदर्शी गोली चलाने की बात से इंकार कर रहे हैं। गोली फायरिंग की पुष्टि नहीं हुई है। इस मामले को लेकर एसपी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस कर्मियों द्वारा पिस्टल तानी गई थी। लेकिन ऐन मौके पर माइकिंग कर सभी को रोक दिया गया। किसी पुलिस कर्मी ने बुलेट फायरिंग नहीं की। इधर, एसपी मनोज कुमार का कहना है कि मामले में एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों पर केस किया गया है।

बीते चार माह में चौथी बार पुलिस से उलझे उपद्रवी और आमलोग
किसनपुर में शुक्रवार को हुई घटना के बाद लोगों में चर्चा हो रही है कि इससे पहले कभी जिले में डीएम एवं एसपी पर उपद्रवियों ने रोड़बाजी नहीं की थी। हालांकि अब तक डीएम व एसपी पर रोड़बाजी की वजह सामने नहीं आ सकी है। इससे पूर्व पहले मामले में 30 मार्च को राघोपुर थाना क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया था। इस हमले में कई पुलिस जवानों को चोटें आईं थी। जबकि दूसरे मामले में बीते 31 मई को सुपौल शहर में लॉकडाउन का पालन कराने पहुंची पुलिस पर स्टेशन चौक पर फुटकर दुकानदारों ने पथराव कर दिया था। इस घटना में पुलिस वाहन को क्षति पहुंची थी एवं ड्राइवर भी जख्मी हो गया था। तीसरे मामले में बीते 07 जुलाई को कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने पहुंची निर्मली पुलिस के साथ भी व्यवसायियों ने धक्का-मुक्की की थी। इस बाबत किसनपुर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने कहा कि दंडाधिकारी सह आरडीओ अजीत कुमार द्वारा आवेदन दिए जाने के बाद उपद्रवियों पर मामला दर्ज किया जाएगा। कुछ प्रदर्शनकारियों को चिन्हित किया गया है। मामला दर्ज किया जा रहा है।

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