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प्रशिक्षण:हार्ट अटैक होने पर तत्काल सीपीआर का प्रयोग किया जाना अधिक सुरक्षित :कमांडेंट

वीरपुर/ मरौना25 दिन पहले
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पंचातय प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देते एनडीआरएफ टीम के सदस्य। - Dainik Bhaskar
पंचातय प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देते एनडीआरएफ टीम के सदस्य।
  • एनडीआरएफ 9वीं बटालियन की टीम ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिया आपदा से बचाव का प्रशिक्षण

प्रशासनिक तौर पर जिले को भूकंप प्रभावित और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र माना गया है। इसी को लेकर आपदा प्रबंधन की ओर से एनडीआरएफ की नौवीं बटालियन को जिले के गणपतगंज में स्थापित भी किया गया है। ताकि आपदा के समय टीम राहत और बचाव कार्य कर सके और लोगो की क्षति को कम किया जा सके। इसी को लेकर बुधवार को बसंतपुर के साथ ही मरौना में एनडीआरएफ की ओर से दो घंटे की बैठक सह ट्रेनिंग का आयोजन किया गया। जहां प्रखंड क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों के भी जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कमांडेंट ने हार्ट अटैक के लिए सीपीआर का प्रयोग सबसे जरूरी बताया। बसन्तपुर आरडीओ देवानंद कुमार सिंह, सीओ विद्यानंद झा के अलावे प्रखंड कर्मी, अंचल कर्मी व किसान सलाहकार भी प्रशिक्षण में शामिल हुए। जहां टीम के इंस्पेक्टर राजन कुमार और एनडीआरएफ कर्मियों ने आपदा एवं उससे बचने के उपायों पर चर्चा की। ट्रेनिंग के दौरान आपदा के प्रकार और बचाव के तरीके बताए गए। इंस्पेक्टर राजन कुमार ने कहा कि ट्रेनिंग के बाद जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में जाकर युवाओं पूरी जानकारी दें। ताकि लोगों में आपदा को लेकर जागरूकता आए और आने वाले आपदा से लोग बच सकें। कार्यक्रम में एनडीआरएफ के जवान व पदाधिकारी, प्रखंड प्रमुख बिमला देवी, उपप्रमुख बीबी सालेहा, प्रखंड स्वच्छता समन्वयक नीतू चौधरी, मो तौहीद, मो समीम, नुरुल हौदा, किसान सलाहकार सहित मौजूद थे।

पंचायत प्रतिनिधि व कर्मियों को दी गई आपदा से निपटने की ट्रेनिंग

इधर, मरौना प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में आरडीओ अभिमन्यु कुमार एवं सीओ निरंजन सुमन के मौजूदगी में मंगलवार को एनडीआरएफ गणपतगंज की टीम के कमांडर इंस्पेक्टर राजन कुमार के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, सेविकाओं, आंगनबाड़ी सेविका, शिक्षक एवं अंचल कर्मियों को संभावित आपदाओं से निपटने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बाढ़, सर्पदंश, सड़क, ट्रेन दुर्घटना, वज्रपात, साइक्लोन, भूकम्प जैसे आपदाओं के प्रभाव को कम करने के तरीक़ाें की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही घायलों का प्राथमिक उपचार करने का भी ट्रेनिंग दिया गया। शरीर के किसी भाग के कटने से खून रिसाव को नियंत्रित करना, टूटे हुए हड्डियों को स्थिर करना एवं हार्ट अटैक के लिए सीपीआर का प्रयोग करने के बारे में बताया गया। बिहार-झारखंड एनडीआरएफ के कमांडेंट विजय सिन्हा के दिशा निर्देश पर लोगों को कम समय में आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। मौके पर एनडीआरएफ के अन्य कर्मचारी एसआई आशुतोष, महिला जवान शालिनी, ज्योति,के साथ अन्य जनप्रतिनिधि व कर्मी मौजूद थे।

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