सुनवाई:किशोर न्याय परिषद ने दो किशोर को सुनाई सजा

सुपौलएक महीने पहले
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किशोर न्याय परिषद ने मंगलवार को दो अलग-अलग मामले की सुनवाई करते हुए दो किशोर को अपचारी घोषित करते हुए सजा सुनाई है। न्याय परिषद के प्रधान मजिस्ट्रेट विवेक कुमार मिश्रा और सदस्य अफसरी इल्ताफ और भगवान पाठक की बोर्ड ने एक किशोर को 3 माह और दूसरे किशोर को 2 माह सुरक्षित स्थान पर रहने का आदेश दिया है। बोर्ड से मिली जानकारी अनुसार सदर थाना कांड संख्या 95/20 के एक किशोर को किसी अन्य परीक्षार्थी की जगह पर बैठकर परीक्षा देने का आरोप है। आरोप पत्र के बाद संज्ञान लेकर 3 महीने सुरक्षित स्थान में रहने का आदेश दिया है। वहीं किशनपुर थाना की सुनवाई करते हुए एक किशोर काे बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन 1981 के अंतर्गत आरोप पत्र आने के बाद संज्ञान लेते हुए 2 महीने सुरक्षित स्थान पर रहने का आदेश दिया है। अभियोजन अनुमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने अभियोजन का मजबूती से पक्ष रखा। वर्तमान में दोनों किशोर आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। बोर्ड ने जेजे एक्ट के उद्देश्य की पूर्ति के लिए एवं किशोर को सुधार पूर्ण उज्जवल भविष्य को लेकर उनके संबंध में निर्णय सर्वसम्मति से दिया गया। प्रधान मजिस्ट्रेट विवेक कुमार मिश्रा ने बताया कि अभिभावकों में अपने बच्चों को अच्छे अंक लाने की होड़ मची रहती है, जिस वजह से ऐसी घटनाएं होती हैं। जो किशोर के लिए घातक सिद्ध होता है।

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