9वीं से 12वीं का खुला स्कूल:सरकारी स्कूलों में कम तो निजी में पहुंचे अधिक छात्र

सुपौल3 महीने पहले
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पहले दिन डीएस इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते छात्र। - Dainik Bhaskar
पहले दिन डीएस इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल में पढ़ते छात्र।
  • कोरोना को लेकर बंद स्कूलों में पहली बार शुरू हुई पढ़ाई

124 दिन बाद जिले के माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूलों में नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं शनिवार से शुरू हो गईं। सरकारी विद्यालयों के साथ प्राइवेट स्कूल भी खुल गए, लेकिन दोनों में बच्चों की उपस्थिति में बड़ा फर्क नजर आया। जिले के भागीरथ उच्च माध्यमिक विद्यालय निर्मली में 9वीं से 12वीं में नामांकित बच्चों की संख्या लगभग 800 से अधिक है। लेकिन, स्कूल खुलने के पहले दिन मात्र 40 बच्चे ही आए। पहले दिन हर सरकारी स्कूल में कमोबेश यही स्थिति रही। वहीं प्राइवेट स्कूलों में बच्चों की भीड़ नजर आई। ऑड-इवन के तहत 50 प्रतिशत बच्चों को आना है। कैम्पस में जिस संख्या में बच्चे नजर आए उस लिहाज से हर क्लास में 30 प्रतिशत से ऊपर ही बच्चों की उपस्थित रही।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या दिखी कम : पहले दिन सरकारी माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या कम दिखी। सरकारी आदेशानुसार वर्ग 9 से 12 तक विद्यालय तो खुला लेकिन उपस्थिति काफी नगण्य रही। एसडीएसके भुवनेश्वरी उच्च माध्यमिक विद्यालय हरदी दुर्गा स्थान में शिक्षक उपस्थित थे लेकिन मात्र 71 छात्र-छात्राएं ही थी। विद्यालय के प्राचार्य बद्री राम ने बताया कि प्रथम दिन के कारण छात्रों की संख्या कम है। हमलोग अभिभावकों से मिलकर उपस्थिति के लिए आग्रह कर रहे हैं। सभी को सूचना भी पहुंचा रहे हैं। वहीं हजारी प्लस टू विद्यालय गौरवगढ़ के प्राचार्य डॉ. रामचंद्र प्रसाद यादव बताया कि शिक्षक नियोजन को लेकर स्कूलों में सेंटर बनाया गया है। 12 अगस्त से सभी बच्चों को स्कूल आने की सूचना दी जा रही है। डीएस इंग्लिश बोर्डिंग स्कूल पिपरा में सरकारी निर्देशानुसार 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूल का संचालन शुरू किया गया। निदेशक एम वली ने स्कूल खुलने पर खुशी जाहिर की।

विद्या का मंदिर बच्चों से हुआ गुलजार
जिले के सभी माध्यमिक और सीबीएसई से मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शिक्षा विभाग के गाइडलाइन के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक शिक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया। विद्यालयों में बच्चों की चहलकदमी शुरू हो गई। जिले के विद्या मंदिर बच्चों से फिर एकबार गुलजार हो गया। विभागीय आदेशानुसार एकबार फिर से बन्द पड़े शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद शुरू की गई है। वैसे पहले दिन पांच से 10 फीसदी ही छात्र विद्यालय पहुंच सके।

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