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सुविधा:ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण पूरा, सितंबर तक 1 प्लांट होगा चालू, दूसरा अगले माह से

सुपौल14 दिन पहले
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सदर अस्पताल में बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में बनाया गया ऑक्सीजन प्लांट।
  • मशीन इंस्टॉलेशन नहीं होने के कारण प्लांट से ऑक्सीजन का आपूर्ति नहीं हो पाई शुरू
  • सदर अस्पताल में लगे प्लांट से प्रति मिनट 1000 लीटर ऑक्सीजन का होगा उत्पादन

पिछले चार माह से चल रहा ऑक्सीजन प्लांट निर्माण का काम पूरा हो चुका है। लेकिन मशीन इंस्टॉलेशन नहीं होने के कारण प्लांट से ऑक्सीजन का आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि जबकी उद्घाटन के वक्त अधिकारियों ने 15 दिनों के भीतर ऑक्सीजन सप्लाई देने की बात कही थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार सदर अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट के लिए चिह्नित स्थल पर सिविल और इलेक्ट्रिकल का कार्य एनएचएआई के द्वारा पूरा किया जा चुका है। इस माह के अंत तक इंस्टॉलेशन का काम पूरा कर इसे चालू कर दिया जाएगा। सिविल सर्जन डाॅ इंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि प्लांट में मिनी फोल्ड लगाना बाकी है। जिसे 02 से 03 दिन के भीतर पुरा कर लिया जाएगा। इसके बाद प्लांट लगाने वाली कंपनी डिफेंस रिसर्च डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन डीआरडीओ के इंजीनियर आकर इसे इंस्टॉल करेंगे और ऑक्सीजन सप्लाई शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में इंस्टॉलेशन का कार्य जारी है। विभाग के अधिकारी इंस्टॉलेशन के लिए इसी माह में सुपौल पहुचेंगे। संभवत: इस माह के अंत तक ऑक्सीजन आपूर्ति का काम चालू हो जाएगा।

ऑक्सीजन प्लांट में लगे उपकरण।
ऑक्सीजन प्लांट में लगे उपकरण।

तेजी से चल रहा है प्लांट में पाइपलाइन बिछाने का कार्य
प्लांट निर्माण के साथ ही सदर अस्पताल परिसर में पाइप लाइन के माध्यम से चौबीस घंटे निर्बाध रूप से ऑक्सीजन पहुंचाया जाएगा। वार्डों तक ऑक्सीजन कनेक्शन पहुंचाने का काम बिहार मेडिकल कॉरपोरेशन द्वारा तेजी से चल रहा है। सदर अस्पातल के इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन के लिए पाइप लाइन बिछाने का लगभग पूरा किया जा चुका है। इसके अलावे प्रसूति विभाग, आईसीयू, एसएनसीयू, कोविड वार्ड, पीकू वार्ड,मीकू वार्ड सहित अन्य वार्ड को पाइप लाइन से जोड़ा जा रहा है।

बिजली गुल होने पर भी होगी ऑक्सीजन सप्लाई
निर्माणाधीन प्लांट से प्रति मिनट 500 लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन किया जाएगा। इसके साथ ही सदर अस्पताल परिसर में ही निर्माणाधीन प्लांट के समीप एक और 500 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले प्लांट का निर्माण कराया गया है। दोनों के निर्माण कार्य पुरा होने के बाद जिले में 1000 लीटर प्रतिदिन ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। सिविल सर्जन डॉ इंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि दूसरे ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण कार्य एसेंचर नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया गया है। दूसरे प्लांट का काम भी करीब-करीब पूरा हो गया है। पहले एनएचएआई द्वारा निर्मित प्लांट से ऑक्सीजन का सप्लाई शुरू किया जाएगा। उसके बाद अगले माह के अंत तक दूसरे प्लांट को भी चालू कर दिया जाएगा। दोनों प्लांट मानक के अनुरूप होगा। उन्होंने बताया कि प्लांट रख-रखाव स्वास्थ्य विभाग द्वारा ही किया जाएगा। प्लांट से चौबीसों घंटे निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति की जाएगी। इसमें स्टोरेज टैंक भी है, जो बिजली गुल होने पर भी सप्लाई देते रहेगा। पाइप लाइन के माध्यम से वेंटिलेटर भी चलेगा साथ ही प्रसूति विभाग में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकेगी। प्लांट से ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू हो जाने के बाद इमरजेंसी के मरीजों को सहूलियत होगी।

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