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यास का असर:परवल; भिंडी, बैगन समेत कई सब्जियों की फसल बर्बाद

बलुआ बाजार23 दिन पहले
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लक्ष्मीनियां में खेत में जमे पानी में डूबी मक्के और मूंग की फसल। - Dainik Bhaskar
लक्ष्मीनियां में खेत में जमे पानी में डूबी मक्के और मूंग की फसल।

चक्रवाती तूफान यास के कारण आंधी और बारिश में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हुआ है। छातापुर प्रखंड की बलुआ, लक्ष्मीनिया, मधुबनी, ठूठी, भीमपुर समेत दर्जनों पंचायत में पिछले दो दिन और शनिवार देर रात मूसलाधार बारिश से दर्जनों किसानों के खेतों में लगी मकई, पाट, मूंग, आम, लीची, केला और परवल, भिंडी, बैगन समेत कई सब्जियों की फसल काे व्यापक नुकसान पहुंचा है। मकई और पाट की फसल को तेज हवा ने जमीन में गिरा दिया है। खेतों में 2 से 3 फीट तक पानी जमा हुआ है। किसान मोहन राय, भोगानंद राय, उपेंद्र पासवान, पंचानंद झा, अवध नारायण मिश्र, मो. सलाम, नंदन कुमार झा ने कहा कि आंधी और बारिश से मकई और जुट का फसल पूरी तरीके से तबाह हो गई है। लोगों ने कहा कि लॉकडाउन होने की वजह से आर्थिक हालत नाजुक है। ऐसे में फसल बेचकर जो कुछ पैसा आता, उस पर भी अब संदेह है। किसानों ने बताया कि बहुत लोगों ने महाजन से कर्ज पर पैसा लिया था। किसानों ने सरकार से कर्मचारी एवं अंचलाधिकारी से जांच कराने के बाद आर्थिक मदद देने की अपील की है। लक्ष्मीनिया पंचायत कृषि सलाहकार बलराम दास ने कहा कि विभागीय आदेश के बाद फसल क्षति की जांच की जाएगी। पीड़ित किसानों को सरकारी लाभ मिलने की संभावना है।

महाजन से पैसे लेकर की खेती, अब खाने तक के लाले

मरौना| सरोजा बेला में यास तूफान के कारण हुई झमाझम बारिश को लेकर बैगन, भिंडी, खीरा, परवल आदि फसल गलने से किसान मायूस हैं। एक तो कोरोना को लेकर मजदूर वर्ग के लोग कमाने के लिए प्रदेश नहीं जा पा रहे हैं। मजदूर और किसान वर्ग के लोग अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए सब्जी की खेती कर अपना जीवनयापन कर रहे थे, लेकिन तेज हवा और बारिश की वजह से फसल बर्बाद हो गई। इससे किसान काफी मायूस हैं। किसान महेंद्र, शंकर सिंह, दिनेश यादव, रामसेवक यादव, शंकर यादव, गोबिंद यादव, कपिल यादव, बालकृष्ण यादव आदि ने बताया कि महाजन से पैसे लेकर काफी उम्मीद के साथ परवल, भिंडी, बैगन आदि खेती की थी, लेकिन यास तूफान ने सब कुछ बर्बाद करके रख दिया। अब बच्चे के पढ़ाई-लिखाई, बेटी की शादी, परिवार के भरण-पोषण की चिंता सता रही है।

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