पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

उपलब्धि:प्रो. शिवाकांत को मिला विश्व पर्यावरण दिवस सम्मान

वीरपुर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • एलएनएमएस कॉलेज में संस्कृत विभागाध्यक्ष के रूप में 3 दशक से अधिक समय तक कर चुके हैं काम
  • 2012 व 2015 में दो पौत्रों के जन्म पर लगाए थे 108-108 पौधे, इसे बनाना चाहते हैं अपने परिवार की परंपरा

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (बीएनएमयू)के संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. शिवाकांत मिश्र को पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए 2021 के विश्व पर्यावरण दिवस सम्मान से सम्मानित किया गया है। बिहार अवार्ड सेरेमनी, स्पेशल ओलंपिक्स (बिहार), आईएसएफसीपी (दिल्ली), बिहार विकलांग खेल अकादमी, आईएसएसए (दिल्ली) और समर्पण संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में प्रो. मिश्र द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निरंतर किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए एक प्रशस्ति-पत्र दिया गया। गौरतलब है कि प्रो. शिवाकांत मिश्र एलएनएमएस कॉलेज वीरपुर में संस्कृत विभागाध्यक्ष के रूप में तीन दशक से अधिक समय तक काम करने के बाद भूपेंद्र मण्डल विवि के संस्कृत विभागाध्यक्ष के रूप में 6 वर्ष कार्य करने के बाद 2009 में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने विवि के सीनेट व सिंडिकेट के सदस्य के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया। अपने शैक्षणिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई संस्कृत विद्यालयों की भी स्थापना की जो बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड, पटना के अन्तर्गत आज भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।

‘सरकार को भी खाली जमीन, नहर और सड़क किनारे लगवाने चाहिए पौधे’

अपनी सेवानिवृत्ति के बाद प्रो.मिश्र ने राघोपुर प्रखंड अंतर्गत परमानंदपुरा पंचायत के अपने पैतृक गांव अड़राहा में बृहद स्तर पर पौधरोपण करना शुरू किया, जो आज कई एकड़ में फैले बगीचे का रूप ले चुका है। प्रो. मिश्र ने बताया कि 2012 व 2015 में जब उनके दो पौत्रों का जन्म हुआ तो उन्होंने 108-108 नए पेड़ लगाए, जिसे वह अपने परिवार की परंपरा बनाना चाहते हैं। परिवार के प्रत्येक सदस्य के जन्मदिन पर एक पेड़ लगाने की परंपरा भी विकसित की है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से न केवल आपका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि इससे आपका आर्थिक स्वास्थ्य भी अच्छा होता है। अतः सभी को अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण करना चाहिए। सरकार को भी खाली पड़ी भूमि, नहर, सड़क आदि के किनारे अधिकाधिक पेड़ लगाना चाहिए।

खबरें और भी हैं...