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परेशानी:नदियां उफनाई, 300 एकड़ में लगी फसल डूबी

निर्मली16 दिन पहले
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चारों ओर से पानी में घिरा घर। सुरक्षित स्थान पर गए लोग। - Dainik Bhaskar
चारों ओर से पानी में घिरा घर। सुरक्षित स्थान पर गए लोग।
  • तिलयुगा की सहायक नदियों की उफान से निर्मली-जरौली मार्ग जलमग्न

तिलयुगा नदी की सहायक नदियों में उफान के कारण निर्मली-जरौली मुख्यालय सड़क चारों ओर जलमग्न हो गया है। सहायक नदी खड़क, खारो व अन्य पहाड़ी नदी के जलस्तर में वृद्धि से निर्मली से जरौली जाने वाली सड़क में आरसीसी पुल के समीप सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। जिसे हरियाही पंचायत के लोगों के समक्ष बाजार व प्रखंड कार्यालय आने में समस्या उत्पन्न हो गई हैं। बताते चलें कि निर्मली नगर चारो तरफ से रिंग बांध से घिरा हुआ शहर है। जो एक बार फिर डूबने के कगार पर है। शहर के पूरब में तिलयुगा नदी एवं उत्तर में बिहुल नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। हालांकि नगर से पानी निकालने के लिए लगाए गए स्लूईस गेट बाहर जा रही पानी से करीब 300 एकड़ भूमि में लगी फसल डूब गई है। जिससे किसान के चेहरे पर निराशा दिखने लगी है। किसान विजय मंडल, राहुल मंडल सहित अन्य ने कहा कि बिहुल नदी साल के अन्य महीने में मौन रहती है। वहीं बरसात के समय में जल स्तर बढ़ने पर नदी का पानी अगल-बगल के इलाकों में फैल जाता है। जिससे तकरीबन 300 एकड़ में लगी फसल बर्बाद हो जाती है। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि पर 70 प्रतिशत धान की बुआई हो गई है। लेकिन बाढ़ के पानी में धान की फसल पूरी तरह डूब गई है। जिससे हमलोगों की परेशानी बढ़ गई है। नगर पंचायत के वार्ड 3 स्थित बांध किनारे बसे लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई परिवारों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हालांकि अभी किसी प्रकार की सरकारी सहायता मुहैया नहीं कराया गई है। बांध किनारे बसे लोग रिंग बांध पर शरण लेने लगे हैं।

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