कोरोना की लहर:लॉकडाउन की आशंका से घर लौट रहे श्रमिक स्टेशन व बस स्टैंडों में जांच की व्यवस्था नहीं

सुपौल14 दिन पहले
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बस स्टैंड से घर जाते यात्री, जहां जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। - Dainik Bhaskar
बस स्टैंड से घर जाते यात्री, जहां जांच की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
  • तीसरी लहर के शुरू होते ही बिहार के बाहर काम कर रहे प्रवासी मजदूर सहमे
  • बस स्टैंड-स्टेशनों​​​​​​​ पर लग रही भीड़, न चेहरे पर मास्क और न ही सोशल डिस्टेंसिंग

तीसरी लहर के शुरू होते ही बिहार से बाहर काम कर रहे प्रवासी सहम गए हैं। दूसरी लहर के कटु अनुभव और लौटने में हुई परेशानियों को वे भूल नहीं पाए हैं। यही कारण है कि अभी लॉकडाउन या अन्य पाबंदियां नहीं लगने के बावजूद धीरे-धीरे प्रवासी देश लौटने लगे हैं। लौट रहे मजदूरों को लेकर बस स्टैंड एवं रेलवे स्टेशनों पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू हो गई है, जहां न तो किसी के चेहरे पर मास्क नजर आ रहा है न ही लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। जिले में लगातार कोरोना के संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी हाेने के बावजूद प्रशासन भी बेपरवाह नजर आ रहा है। जिले में दो सप्ताह के भीतर 17 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। फिर भी बाहर से आने वाले लोगों की रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन या अन्य किसी सार्वजनिक स्थल पर कोरोना की जांच नहीं हो रही है। ऐसे में संक्रमण का खतरा फिर से बढ़ गया है। प्राइवेट बस स्टैंड पर भी कोविड-19 गाइडलाइन का कोई पालन नहीं हो रहा था।

स्टेशन पर भी नहीं है कोरोना जांच की व्यवस्था
देर शाम राज्यरानी का मेल लेकर सहरसा से आने वाली पैसेंजर ट्रेन पर रोज चढ़ने-उतरने वाले यात्रियों की भीड़ लग रही है लेकिन ज्यादातर यात्री बिना मास्क के सफर कर रहें है। सामाजिक दूरी का पालन भी देखने को नहीं मिला। गुरुवार को भास्कर पड़ताल के दौरान कहीं भी थर्मल स्क्रीनिंग का इंतजाम नहीं था। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन स्थानों पर कोई काउंटर भी नहीं लगाया गया था। सुपौल स्टेशन के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट अनिल कुमार ने बताया कि रेलवे की ओर से कोरोना जांच को लेकर अभी कोई गाइडलाइन जारी नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले जांच के लिए स्वास्थ्यकर्मी भेजे जाते थे। फिलहाल परिसर में जांच शिविर नहीं लग रहा है। शाम को राजरानी का मेल लेकर सहरसा से आनी वाली ट्रेन में भारी संख्या में प्रवासी मजदूर लौट रहे हैं, लेकिन उनका कोरोना जांच नहीं हो रहा है।

पिपरा में मिले 08 नए मरीज
शुक्रवार को जिले में 02 और कोरोना के मामले सामने आए। दोनों संक्रमित जिला मुख्यालय के रहने वाले है। जिले में पिछले 02 सप्ताह के अंदर 17 संक्रमित मिल चुके है। जिसमें 02 स्वस्थ हो चुके है। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 15 है। हालांकि संक्रमितों में अब तक एक भी महिला नहीं है। उधर पिपरा प्रखंड में शुक्रवार को एक दिन में कोरोना के 08 नए मरीज मिले है। एक साथ 08 मरीज मिलने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। सभी 08 संक्रमितों में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के 04 चिकित्सक एवं एक एएनएम कोरोना शामिल है। हालांकि ये सभी रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव पाए गए हैं।

सभी रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव
सिविल सर्जन डॉ. इंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि सभी रैपिड एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव पाए गए हैं। शनिवार को सभी की आरटीपीसीआर रिपोर्ट भी आ जाएगी। फिलहाल सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है।

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