सौगात:हर घर में बहुत जल्द पहुंचेगा पानी, रेलवे में मिथिलांचल से सीधा जुड़ा

सुपौल9 महीने पहले
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  • जिले के 31वें स्थापना दिवस पर गांधी मैदान में हुआ समारोह, प्रभारी डीएम सह डीडीसी मुकेश सिन्हा ने कहा-

जिला स्थापना की 31वीं वर्षगांठ पर गांधी मैदान में हुए समारोह का उद्‌घाटन प्रभारी डीएम सह डीडीसी मुकेश सिन्हा, एसपी मनोज कुमार, समेत अन्य अधिकारियों ने किया। प्रभारी डीएम ने कहा कि किसी भी विकासशील समाज के लिए तीन चीजें- बिजली, यातायात के साधन और पानी की सबसे अधिक जरूरत होती है। सुपौल बिजली और सड़क के मामले में अव्वल है। 24 घंटे जिले में बिजली रहती है। गली-गली में सड़क का निर्माण हो गया है। अब जिला और मिथिलांचल के बीच रेल सेवा शुरू हो गई है। हर घर में पानी पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में क्वालिटी अस्पताल की व्यवस्था भी कर दी गई है। अन्य विकास के कार्य भी सतत चल रहे हैं। प्रशासन को काम करने के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। हमें सुपौलवासियों पर गर्व है कि जिले के विकास कार्य में आम लोगों ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है।

31 साल का सफर पूरा | सुपौल को जिला बने 31 साल गुजर गए। 14 मार्च 1991 को सुपौल को सहरसा से अलग कर नया जिला बनाया गया था। 31 वर्ष में जिलेवासियों ने तमाम उतार-चढ़ाव देखे। कुसहा त्रासदी ने कई के जीवन छिन लिए। 31 साल के सफर में सुपौल ने तरक्की के भी कई मुकाम हासिल किए। बिहार का एक मात्र जिला सुपौल से 6 एनएच गुजरता है। सिलचर से पोरबंदर तक जाने वाले एनएच-57 सुपौल से 66 किमी होकर गुजरता है। जिला कोर्ट, इंजीनियरिंग कॉलेज, एएनएम कॉलेज व कोसी महासेतु के रूप में देश का सबसे बड़ा रेल व सड़क महासेतु का निर्माण जिसने जिले को दुनिया के मानचित्र पर लाया और सीमांचल एवं मिथिलांचल का मिलन 83 वर्ष बाद हो सका।

एसपी- सच्चे रूप में स्थापना दिवस तब मनेगा जब सड़कों का अतिक्रमण करना छोड़ देंगे
एसपी ने कहा कि यह सत्य है कि लोगों के सहयोग के बिना किसी भी समाज का विकास संभव नहीं है। यह आम लोगों का सहयोग है कि सुपौल ने हर क्षेत्र में आज प्रगति की है। एक आम नागरिक के कई पहचान में जिले का पहचान भी अहम है। जिस आधार पर लोग दूसरे के स्वभाव का अनुमान लगाते हैं। एसपी ने कहा कि आज के इस ग्लोब्लाइजेशन के दौर में भौतिक विकास के साथ ह्रदय का विकास भी जरूरी है। ह्रदय के विकास का संबंध वहां की संस्कृति से होता है। सुपौल के लोगों के स्वभाव का में मैं प्रशंसक रहा हूं। यहां के लोगों का दिल बड़ा है। लोगों से अनुरोध करते हुए कहा कि आप चाहे मॉल क्लीनिक या कोई भी संस्था का निर्माण करें तो पार्किंग की व्यवस्था जरूर करें। जिला स्थापना दिवस सच्चे रूप में स्थापना दिवस तब होगा जब लोग सड़कों पर अतिक्रमण करना छोड़ देंगे।

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