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कवायद तेज:भूमिहीन आदिवासी परिवारों को अन्यत्र बसाने के लिए जमीन की खोज तेज की

ठाकुरगंज24 दिन पहले
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  • सभी लोगों की जांच की जाएगी कि वे भूमिहीन है या नहीं

ईस्ट-वेस्ट कॉरीडोर के समानांतर अररिया टू गलगलिया बनने वाली 94 किमी लंबी फोरलेन के निर्माण में अतिक्रमण हटाने की कवायद तेज करने के लिए बिहार सरकार के जमीन पर बसे लोगों को अन्यत्र बसाने हेतू जमीन की खोज तेज हो गई है। रविवार को कुर्लीकोट थाना क्षेत्र के बालेश्वर फार्म के समीप फोरलेन निर्माण में आने वाली सरकारी जमीन पर वर्षों से बसोवास करने वाले 47 आदिवासी के साथ सीओ ओमप्रकाश भगत ने राजस्व कर्मचारी, अमीन के साथ संयुक्त रूप से वार्ता करते हुए उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया। श्री भगत ने बताया कि सभी लोगों की जांच की जाएगी कि वे भूमिहीन है कि नहीं? उनके नाम से बासगीत पर्चा है या कहीं जमीन है या नहीं। जांच में भूमिहीन पाए जाने पर उन्हें अन्यत्र बसाने की प्रक्रिया आरंभ के लिए जमीन खोजी जा रही है। तब तक इसी जिस जमीन पर उनका वसोवास है वही रहेगे।अन्यत्र व्यवस्था होने पर इन्हें उस जमीन पर बसाया जाएगा।दूसरी ओर वर्षों से वसोवास करने वाले लोगो का कहना था कि सभी भूमिहीन होने के कारण यहां बसे हुए हैं। यहां से हटाए जाने पर उनको अपना सर छिपाने की जगह नही है। एक तरफ कोरोना काल में लाकडाउन है तो दूसरी तरफ बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में उनके सर से घर की छत हट जाएगी तो वे कहां जाएंगे। वसोवास लायक भूमि मिलने पर अन्यत्र बसने पर विचार करेंगे।

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