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मानसून आगमन:चेगाघाट से हारूभीट्टा के बीच बनने वाले पुल का विस चुनाव के पूर्व हुआ था शिलान्यास, शुरू नहीं हुआ निर्माण

ठाकुरगंजएक महीने पहले
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मानसून के आगमन के साथ लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बदलते मौसम के मिजाज के साथ इस वर्ष अधिक वर्षापात की संभावना को देखते हुए लोगों की नींद उड़ी हुई है। वर्ष 2017 में बाढ़ की त्रासदी लोग भूले नहीं है। सखुआडाली पंचायत के चेंगाघाट से हारूभीट्टा गांव के बीच इसी बाढ़ में पुल ध्वस्त हो गया था। इसी पंचायत होकर बहने वाली महानंदा, चेंगा व तैमूर नदी प्रत्येक वर्ष कहर बरपाती है। पुल ध्वस्त हो जाने के बाद हारूभीट्टा, द्दधीगच्छ के हजारों लोगों को दोनों ओर पक्की सड़क होने के बाद भी बाजार या अन्य जगह जाने के लिए नाव ही बरसात में एक मात्र सहरा रहती है।

प्रशासन व स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लगातार गुहार लगाने के बाद पूर्व विधायक नौशाद आलम ने विधानसभा चुनाव पूर्व आनन -फानन में 25सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत आरसीसी पुल का शिलान्यास किया था। लेकिन उसके नौ महीने गुजरने के बाद भी कार्य आरंभ नहीं हो पाया है। जिसके कारण हजारों लोगों को बरसात के मौसम में नाव से ही आवागमन करने की मजबूरी बनी रहती है।

चार वर्षों से पुल की बाट जोह रहे हैं लोग : हारूभीट्टा व दधीगच्छ के मो मुन्ना, हलीम, सफीरूरहमान, फजलूरहमान आदि का कहना है कि वर्ष 2017 के बाढ़ के बाद बरसात के मौसम में निकलना मुश्किल हो गया है। गांव के पीछे महानंदा नदी कटाव कर रही है आगे पुल नहीं रहने से बाहर जाना खतरों से खेलने के बराबर होती है। बरसात के मौसम में अधिक बारिश हुई तो चेंगा व महानंदा दोनों नदियों की मार झेलनी पड़ती है।

नदियों के रौद्र रूप की निशानी ध्वस्त पुल है। गर्मी के मौसम में पानी कम होने से हमें अधिक परेशानी नहीं होती है। अभी तत्काल ध्वस्त पुल के समीप बने अस्थायी मार्ग से लोगों का आवागमन हो रही है। पुल के शिलान्यास होने के बाद हमलोगों में आशा जगी थी। इस बार हमें बरसात के मौसम में नारकीय जीवन नहीं जीना पड़ेगा। नौ महीने के बाद भी कुछ कार्य नहीं होने से गांव वालों की मानसून के आगमन के साथ ही नींद उड़ी हुई है।

दो करोड़ 81 लाख रुपए से बनाया जाना है पुल
2.81 करोड़ से उक्त स्थल पर पुल बनना है। ठेकेदार मकबूल आलम ने कहा कि फरवरी में टेंडर प्रकिया शुरू हुई। वर्क आर्डर नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हुआ है।

लोगों को डायवर्सन की मिलेगी सुविधा
आरईओ-टू के ईई उदय शंकर चौधरी ने कहा योजना की मंजूरी पर शिलान्यास हुआ था, लेकिन उसके बाद री-टेंडर समेत अन्य कार्यों के निष्पादन होने के बाद उक्त पुल का टेंडर हुआ। कोविड के कारण वर्क-आर्डर में देरी हई। ‌बहुत जल्द वर्क आर्डर विभाग से संवेदक को मिल जाएगी।

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