सुविधा:त्रिवेणीगंज के नगर परिषद बनने के बाद इससे सटे कई गांव बने शहरी क्षेत्र, बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी

त्रिवेणीगंज|मनजीत मल्होत्रा9 महीने पहले
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  • नगर विकास व आवास विभाग ने आपत्ति को लेकर एक महीने में मांगे थे विचार
  • नगर विकास व आवास विभाग ने दिसंबर में जारी की थी अधिसूचना

आने वाले दिनों में त्रिवेणीगंज बाजार से सटे गांव की तस्वीर बदलने वाली है। कारण कि सरकार द्वारा त्रिवेणीगंज को नगर परिषद घोषित कर दिया गया। त्रिवेणीगंज सहित आसपास के सटे कई गांव अब शहर का हिस्सा बन गए हैं। नगर विकास व आवास विभाग की ओर से दिसंबर 2020 में ही विधिवत अधिसूचना जारी करते हुए प्रभावित होने वाले व्यक्तियों से एक माह के अंदर अपना विचार देने को कहा था। विचार के उपरांत विभाग ने 17 फरवरी 2021 को पुन: अधिसूचना जारी कर कहा कि प्राप्त आपत्तियों पर विचारोपरांत त्रिवेणीगंज काे नगर परिषद घोषित किया जाता है। अधिसूचना में यह भी कहा है कि इस क्षेत्र में पड़ने वाले भाग को अब नगर परिषद त्रिवेणीगंज कहा जाएगा। बभनगामा, लतौना, थलहा गढ़िया व डपरखा पंचायत को किया शामिल : त्रिवेणीगंज नगर परिषद में प्रखंड क्षेत्र के बभनगामा, लतौना उत्तर, थलहा गढ़िया दक्षिण एवं डपरखा पूर्वी भाग को शामिल किया गया है। नगर परिषद की चौहद्दी का उत्तर दिशा में थलहा गढ़िया अंश भाग, बरहकुड़वा व जागुर, दक्षिण में लतौना अंश भाग, महेशुआ एवं कुसहा, पूरब में मिरजावा, बरहकुड़वा, लक्ष्मीनियां व कुशहा, पश्चिम में महेशुआ, जागुर व बेलहा तक सीमा प्रस्तावित है।

घर-घर से उठेगा कूड़ा, ड्रेनेज होगी दुरुस्त
नगर परिषद गठन के बाद अब इस क्षेत्र में पड़ने वाले गांव के लोगों को शहर की सुविधाएं मिलेंगी। स्वच्छ भारत मिशन सहित नगर विकास एवं आवास विभाग की योजनाओं का बड़े पैमाने पर लाभ मिलेगा। गली व मोहल्ले के साथ घर-घर कूड़े का उठाव होगा। स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज व पेयजल की बेहतर सुविधा मिलेगी। हालांकि अब सुविधाओं के साथ भवन नक्शा, ट्रेड लाइसेंस, अमीन शुल्‍क, निविदा पत्र, विलंब रजिस्ट्रेशन शुल्क, होल्डिंग टैक्स, विवाह निबंधन, म्यूटेशन शुल्क, जल कनेक्शन के टैक्सों का भार भी बढ़ेगा।

अब तक तय नहीं हुआ कौन सा गांव होगा किस वार्ड में शामिल
नगर परिषद का गठन 2011 जनसंख्या को मान कर किया गया है। नवगठित नगर परिषद में शामिल ग्राम पंचायतों के कौन सा गांव किस वार्ड में शामिल होगा, यह अभी तय नहीं हो सका है। कारण कि नए सिरे से वार्डों का परिसीमन करना बाकी है, लेकिन इतना तय है कि नए सिरे से नगर परिषद के गठन होने के बाद उसमें शामिल किए गए गांवों में आधारभूत संरचना के विकास का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सड़क, लाइट समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के लोगों को भी मिलने लगेगी। भूमि की सरकारी कीमत भी बढ़ जाएगी और लोगों को होल्डिंग टैक्स समेत अन्य का भुगतान अधिक करना पड़ेगा।

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