पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

निर्देश पत्र जारी:परामर्शी समिति के गठन की अंतिम तिथि थी 16 जून, अब तक नहीं बनी

त्रिवेणीगंजएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना की वजह से तय समय पर नहीं हो रहा पंचायत चुनाव
कोरोना के कारण पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर नहीं होने से विकास कार्य बाधित न हो, इसके लिए परामर्शी समिति काम करेगी। मगर, पंचायतों में परामर्शी समिति नहीं बनी है।
अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने राज्यपाल के निर्देश पर पत्र जारी कर कहा था कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते परामर्श समिति काम करेगी। ताकि पंचायतों में विकास कार्यों को जारी रखा जा सके।

इस व्यवस्था के तहत परामर्श समितियों के जरिए विकास कार्य कराया जाएगा पर पंचायतों में परामर्श समिति का गठन नहीं किया जा सका है। 16 जून को ही वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। अधिकारियों का कहना है कि परामर्श समिति गठन को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं आई है। ऐसे में पंचायत का विकास कार्य की रूपरेखा कैसे तैयार होगी? विभागीय निर्देश के अनुसार परामर्शी समिति के सदस्य मुखिया, सरपंच, पंसस, वार्ड सदस्य व पंचायत जनप्रतिनिधि होंगे। मुखिया परामर्शी समिति के प्रधान के पद नाम से जाने जाएंगे। विकास कार्य में राशि निकासी के लिए परामर्श समिति के सभी सदस्यों का हस्ताक्षर अनिवार्य है। परामर्श समिति में कोई भी सदस्य अगर हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो राशि की निकासी नहीं हो सकेगी पर जब परामर्शी समिति का गठन नहीं हो पाया है तो पंचायत के विकास कार्यों को कार्यान्वयन कैसे संभव है।

खबरें और भी हैं...