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सख्ती:डीलर का लाइसेंस दिलवाने के लिए बीएसओ ने लिए थे 1.85 लाख, विभागीय कार्रवाई शुरू

उदाकिशुनगंज9 दिन पहले
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  • रामपुर खोड़ा पंचायत के पीडीएस डीलर रामचंद्र चौधरी की मौत के बाद उपजा मामला
  • शिकायतकर्ता का आरोप-लाइसेंस नहीं दिलवा पाने के बाद रुपए लौटाने से बीएसओ करते रहे इंकार एसडीएम को आवेदन देकर की थी शिकायत

पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों में रहे प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राम कल्याण मंडल पर अब विभागीय शिकंजा कसता जा रहा है। रामपुर खोड़ा पंचायत के पीडीएस डीलर रामचंद्र चौधरी की मौत के बाद कथित तौर पर उनके नाती निक्कू चौधरी को डीलर का लाइसेंस दिलवाने के नाम पर 1.85 लाख रुपए ठग लेने समेत अन्य मामले में एसडीएम राजीव रंजन सिन्हा की अनुशंसा पर डीएम श्याम बिहारी मीणा ने उनके खिलाफ प्रपत्र क गठित कर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए विभाग को भेज दिया है। इसके बाद से यह मामला और गरमा गया है। बताया जाता है कि जब लाइसेंस नहीं बन पाया और रुपए देने वाले ने इसकी शिकायत की, तो बीएसओ के कुछ समर्थकों ने कुछ पदाधिकारियों को मेल में लेकर पंचायत कर मामले को सलटाने का प्रयास किया। लेकिन बात नहीं बन सकी। पीड़ित रुपए वापस करने का दबाव बनाए रखा। इसके बाद मई में बीएसओ ने पीड़ित पक्ष पर कई संगीन आरोपों में बिहारीगंज थाने में केस दर्ज करवा दिया। दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष ने भी कोर्ट का सहारा लिया।

जमीन बेचकर बीएसओ को दिया था रुपए
निक्कू चौधरी का कहना था कि उसके नाना रामचंद्र चौधरी पूर्व में डीलर थे। जिनका असामयिक निधन हो गया। उन्हें बेटा नहीं था। निक्कू ने आरोप लगाया कि इसी क्रम में आपूर्ति पदाधिकारी राम कल्याण मंडल ने उसे बताया कि डीलर की मौत के बाद उनके बेटा-पोता को ही लाइसेंस मिलता है। तुम उनके नाती हो, अगर तुम डीलर का काम करना चाहता है तो तुमको रुपए लगेगा। इसके बाद उसने अपने चार गवाहों के सामने कभी 20 तो कभी 25 हजार देकर आपूर्ति पदाधिकारी को कुल 1 लाख 85 हजार रुपए दिया। लेकिन बीएसओ उसे लाइसेंस नहीं दिलवा सके और मुकर भी गए। इसके बाद बीएसओ पर रुपए वापस करने का दबाव दिया जाने लगा। लेकिन वे रुपए लौटाने में आनाकानी करने लगे। तो निक्कू ने उदाकिशुनगंज के एसडीएम को शिकायत आवेदन देकर इसकी जानकारी दी। इसकी जानकारी होने पर बीएसओ राम कल्याण मंडल की उपस्थिति में पुलिस-पदाधिकारी के समक्ष भी अपने आरोप को दोहराया। निक्कू का कहना था कि लाइसेंस के चलते उसकी मां ने जमीन बेचकर रुपए दिया था।

बचाव में पीड़ित पर ही दर्ज करा दिया केस
दूसरी ओर, बीएसओ राम कल्याण मंडल का कहना था कि डीलर रामचंद्र चौधरी के निधन के बाद उनका नाती दबाव बनाने लगा कि उसे डीलर का लाइसेंस दीजिए। इस पर उन्होंने कहा कि लाइसेंस का मामला तो एसडीओ देखते हैं। यह हमारे अधिकार क्षेत्र में तो है नहीं। उसके बाद से ही वह मुझ पर आरोप लगाने लगे। बाद में वह कई तरह की धमकी देने लगे। कहने लगे कि जब चाहेंगे तब तुम्हारी पत्नी और तुमको उठवा लेंगे। बाद में बिहारीगंज बाजार समिति में बदतमीजी, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज किया। फिर गोरपार मकर्री के पास भी मारपीट की। घूस लेने के बाबत उनका कहना था कि यह सारा आरोप बेबुनियाद है। उल्टे वही लोग हम से रंगदारी मांगते रहते थे। हम तो उससे मिलते भी नहीं थे। एक बार वही आया था। जबरदस्ती हमसे साइन कराने के लिए।

बीएसओ वरीय अधिकारियों के आदेश की करते रहे अवहेलना
अनुशंसा पत्र में कहा गया है कि डीलर रामचंद्र चौधरी के नॉमिनी उनके नाती ने बीएसओ राम कल्याण मंडल की मौजूदगी में उन पर रिश्वत लेने की शिकायत की थी। इस मामले में बीएसओ ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। शो-कॉज का भी जवाब नहीं दिया, बिना स्वीकृति के अवकाश पर चले गए। जिससे इस मामले में उनकी भूमिका संदिग्ध प्रतीत हुई। इसके अलावा माध्यमिक परीक्षा में प्रतिनियुक्ति के बावजूद दंडाधिकारी के रूप में वे अनुपस्थित रहे। विधानसभा चुनाव में भी सेक्टर दंडाधिकारी रहते हुए बीएसओ स्वास्थ्य का बहाना बनाकर लगातार निर्वाचन कार्य से अनुपस्थित रहे। इससे साफ स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा नियम के विरुद्ध कार्य में लापरवाही बरतते हुए उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना की गई। प्रशासनिक स्तर पर अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में प्रतिनियुक्ति के बाद भी वे लगातार अनुपस्थित रहे। इनसब मामलों को लेकर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।

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