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लापरवाही:गाेहाल बना उपस्वास्थ्य केंद्र, कागज पर एएनएम नियुक्त

गौरव कबीर | उदाकिशुनगंजएक महीने पहले
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बीड़ीरणपाल उपस्वास्थ्य केंद्र परिसर में बंधे मवेशी व खड़ा ट्रैक्टर, - Dainik Bhaskar
बीड़ीरणपाल उपस्वास्थ्य केंद्र परिसर में बंधे मवेशी व खड़ा ट्रैक्टर,
  • बीड़ीरणपाल उपस्वास्थ्य केंद्र के भवन में रखा जा रहा अनाज, अप्रैल 2019 में 2.92 लाख की लागत से भराई गई थी मिट्टी

सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाखा दावा करे लेकिन धरातल पर सच्चाई कुछ और ही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों मंे डॉक्टर व एएनएम आते नहीं हैं। यहां लोग अब पशुओं को बांधने के साथ ही मक्का व अन्य फसल को रखते हैं। यह हाल है उदाकिशुनगंज प्रखंड के बीड़ीरणपाल उपस्वास्थ्य केंद्र का है। परिसर में मवेशी के साथ-साथ किसी का ट्रैक्टर भी रखा हुआ है। अप्रैल 2019 में 2.92 लाख की लागत से मनरेगा से मिट्टी भराई की गई थी। एक एएनएम की प्रतिनियुक्ति यहां की गई है, लेकिन दवा एवं अन्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। जबकि कोरोना काल में दो कोरोना संदिग्ध लक्षण से मौत भी हो चुकी है। इलाज के लिए पीएचसी उदाकिशुनगंज आना पड़ता है, जिसकी दूरी लगभग 9 से 10 किलोमीटर है। ग्रामीण राजकिशोर पासवान, रॉबिन पासवान, सरोज यादव, कुमोद यादव, भूषण मोदी, खुशीलाल मंडल, शशि यादव आदि ने बताया कि यहां जब से केंद्र बना है कोई कर्मी नहीं पहुंचा है। चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर इंद्रभूषण कुमार ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। ऐसा है तो कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के भवन रखा गया मकई का भुट्‌टा।
अस्पताल के भवन रखा गया मकई का भुट्‌टा।
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