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परेशानी:किसानों के अरमानों पर यास ने फेरा पानी, मक्का की फसल हुई नष्ट

उदाकिशुनगंज25 दिन पहले
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यास चक्रवाती तूफान के असर से हुई बारिश से खेतों में भींगी मक्के की फसल को बचाने की जुगत में जुटे किसान। - Dainik Bhaskar
यास चक्रवाती तूफान के असर से हुई बारिश से खेतों में भींगी मक्के की फसल को बचाने की जुगत में जुटे किसान।
  • लॉकडाउन, बरसात और वज्रपात के बीच कुदरत के कहर से परेशान हैं अन्नदाता

लॉकडाउन, बरसात और वज्रपात के बीच कुदरत का कहर किसानों पर आफत बनकर टूटा। खासकर बारिश ने किसानों के अरमानों पर वज्रपात कर दिया। तीन दिन से लगातार रुक- रुक कर हुई बारिश के कारण सबसे अधिक नुकसान मक्का किसानों को हुआ है। कहीं- कहीं तो बारिश के पानी से खेत में तैयार मक्का की फसल डूब गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें व मोहल्ले कि गालियां कीचड़मय बन चुकी हैं। मौसम का यू टर्न खासकर किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है।
ज्ञात हो कि लाॅकडाउन के साथ मौसम की बेरुखी के कारण मकई की तैयार फसल बर्बाद हो रही है। मक्का किसानों को फसल का उचित मूल्य नहीं मिलने से भी ही परेशानी बढ़ गई है। खासकर चौसा प्रखंड के फुलौत पूर्वी, पश्चिमी, मोरसंडा, चिरौरी, पैना, घोषई, रसलपुर धुरिया व लौआलगाम सहित अन्य क्षेत्रों के किसानों की निर्भरता सिर्फ मकई के खेती पर रहती है।
इस क्षेत्र के किसानों के तो सपने बारिश ने बिखेर ही दिया। अब भींगे हुए मक्का के खरीदार भी नहीं मिल रहे हैं। अगर खरीद भी की जा रही है तो काफी कम दामों पर। किसानों की लागत अब निकलने में मुश्किल है। सरकार का दावा मक्का किसानों के लिए छलावा निकला। पहले से कर्ज में डूबे किसानों ने कर्ज लेकर मकई की खेती प्रारंभ की थी पर अधिकतर किसानों को बारिश के पानी और यास तूफान ने काफी क्षति पहुंचाई है। ऐसे में महाजन व बैंक का कर्ज चुकाना किसानों के लिए कड़ी चुनौती होगी। बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा नहीं मिला तो किसान कर्ज के कुचक्र से मुक्त नहीं हो पाएंगे। चौसा पश्चिमी के जिला परिषद सदस्य अनिकेत कुमार मेहता ने जिला प्रशासन और सरकार से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने के साथ किसानों का बिजली बिल और बैंक का कर्ज माफ कराने की मांग की है।
बारिश के पानी में डूबी सैकड़ों हेक्टेयर मक्का की फसल
बारिश की वजह से सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई। मंजौरा, जौतेली, शहजादपुर, नयानगर, सिंगारपुर, खाड़ा, बुधमा, सुखासनी, मधुवन, बराही आनंदपुरा, रामपुर खोरा आदि पंचायतों की स्थिति भयावह है। किसान नरेश मेहता, विकास मेहता, विजय मेहता, कस्तूरी मंडल, जनार्दन पासवान, मो. बबलू, सुरेश ऋषि देव, मिथिलेश मंडल, जयनंदन मेहता, सुधीर मेहता, पुलकित यादव, जयकृष्ण यादव,
किलो यादव, देवन मेहरा, वीरेंद्र सिंह, मंटू सिंह, अशोक सिंह बीजो सिंह, अर्जुन मेहता व अमोद मेहता सहित अन्य किसानों को बारिश से काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने कहा कि अगर मौसम में सुधार नहीं
हुआ तो मुनाफा तो दूर उनके लिए परिवार चलाना भी कठिन चुनौती होगी। ऐसे में सभी ने सरकार से मक्का किसानों को क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।

बारिश से सब्जी और मूंग की फसल को हुई हानि

ग्वालपाड़ा | प्रखंड क्षेत्र में लगातार बारिश से सब्जी और मूंग की फसल बर्बाद हो गई। किसानों ने बताया कि खीरा, झींगा, कद्दू, झिंगली की फसल अधिक पानी होने पर सूखने लगती है। कहा कि कर्ज और कड़ी मेहनत कर खेती किए थे। लेकिन बारिश ने हम सभी के अरमानों पर पानी फेर दिया। अब तो खर्च भी निकल पाना मुश्किल है। सब्जी की खेती किए किसान सत्तो साह ने बताया कि दस कट्‌ठा में खीरा की खेती से 50 से 60 हजार रुपए की कमाई हो जाती थी। लेकिन कोरोना व दूसरी तरफ बारिश से सब कुछ बर्बाद हो गया। अब तो लागत निकलना भी मुश्किल हो रहा है।

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