भोजपुर में नहर में डूबने युवक की मौत:घर वापस लौट रहा था, पैर फिसला तो नहर में गिरा

आरा (भोजपुर)3 महीने पहले
बबलू साह की फाइल फोटो।

भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र के पोसवां गांव में नहर में डूबने से उड़ीसा से वापस घर लौट रहे युवक की मौत हो गई। शव दूसरे दिन शनिवार को बरामद हुआ है। घटना को लेकर लोगों के बीच काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। जानकारी के अनुसार मृतक गड़हनी थाना क्षेत्र के पोसवां गांव वार्ड नम्बर 3 निवासी स्व.मिश्री साह का 35 वर्षीय पुत्र बबलू साह है। वह पेशे से मजदूर था।

इधर मृतक के परिजन धनंजय सिंह ने बताया कि वह 20 दिन पूर्व उड़ीसा काम करने गए थे। शुक्रवार को वह अपने साथियों के साथ ट्रेन से आरा रेलवे स्टेशन उतरे। उसके बाद वह सवारी गाड़ी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह अगिआंव बाजार पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर कहा कि मैं दस मिनट में घर पहुंच रहा हूं। कुछ देर बीत जाने के बाद जब वह घर नहीं पहुंचे तो उनके मोबाइल पर फोन किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा था।

शव को पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे परिजन।
शव को पोस्टमार्टम करवाने पहुंचे परिजन।

इसके बाद परिजन ने सोचा कि वह बराबर आते-जाते हैं आ जाएंगे। लेकिन रात में जब वह घर वापस नहीं लौटे तो परिजनों ने खोजबीन करना शुरू किया। तभी खोजबीन के दौरान गांव में ही स्थित नहर में उनका शव पड़ा मिला और उनका बैग नहर किनारे रखा हुआ था। जिसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से उनके शव को पानी से बाहर निकाला। इसके पश्चात ने इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। वहीं दूसरी तरफ मृतक के परिजन धनंजय सिंह ने बैग नहर किनारे मिलने के उन्हें नहर में डुबाने की आशंका जताई है। जबकि उन्होंने किसी भी व्यक्ति पर किसी प्रकार का आरोप या आशंका नहीं जताया है।

हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा। बताया जाता है कि मृतक अपने छह भाइयों में चौथे स्थान पर था। मृतक की शादी करीब 8 वर्ष पूर्व हुई थी। लेकिन उसे कोई संतान नहीं है। मृतक के परिवार में मां कौशल्या कुंवर एवं पत्नी सुनीता देवी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। घटी इस घटना के बाद मृतक की मां कौशल्या कुंवर, पत्नी सुनीता देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।

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