एक मास से समस्या जस की तस:कचरा डंपिंग सेंटर के लिए ग्रामीणों को मनाने का प्रयास, नहीं मिली सफलता

आरा6 दिन पहले
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बहियारा में ग्रामीणों को समझाते नगर आयुक्त व मेयर प्रतिनिधि। - Dainik Bhaskar
बहियारा में ग्रामीणों को समझाते नगर आयुक्त व मेयर प्रतिनिधि।

नगर निगम क्षेत्र के 45 वार्डों के कचरों का डंपिंग कहां हो, यह एक महीने में भी तय नहीं हो सका है। इससे आरा शहर के कचरें को डंप करने की समस्या लगातार बढ़ रही है। अभी भी नगर निगम के सफाईकर्मी व गाड़ियां, आरा और इसके निकटवर्ती स्थानों पर जहां-तहां कचरे को गिरा रहे हैं। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है।

इससे दिनों-दिन यह समस्या बढ़ रही है। इस बीच, बहियारा कचरा डंपिंग सेंटर में फिर से नगर निगम क्षेत्र शहर के कचरों को डंपिंग करने के लिये वहां के ग्रामीणों को मनाने का प्रयास शुरू हो गया है। निगम के नगर आयुक्त निरोज कुमार भगत, नगर प्रबंधक ओमप्रकाश बहियारा पहुंचे और इस मुद्दे पर स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर समझाने का प्रयास किया।

लेकिन अधिकारी द्वय को ग्रामीणों को मनाने में सफलता नहीं मिल सकी। ग्रामीणों की आपत्तियां अब तक बरकरार हैं। बातचीत का कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलने के बाद अधिकारी द्वय आरा लौट आए। इस दौरान प्रेम पंकज उर्फ ललन और पर्यावरण प्रेमी आनंद कुमार थे।

ग्रामीणों का कहना था कि कूड़ा-कचरों के दुर्गंध, मानव-अंश, मेडिकल कचरा, संक्रमण और अन्य समस्याओं के कारण बहियारा और अन्य गांवों के लोग परेशान रहते हैं। कुत्ते मांस के टुकड़े लेकर घूमते हैं। आरा शहर के कचरा को 18-20 किलोमीटर दूर लाकर डंप करना ठीक नहीं है। रास्ते में कचरा गिरता रहता है। जिसकी वजह से काफी परेशानी होती है।

29 दिसंबर से बंद है आरा का कचरा डंपिंग सेंटर

सबसे पहले आरा शहरी क्षेत्र का कचरा गांगी पुल, मझौवा, आरा बायपास होता था। विरोध होने और कई साल तक लगातार मांग के बाद जिला प्रशासन ने डंपिंग सेंटर के लिये कोईलवर प्रखंड के बहियारा का चयन किया। वहां कचरा गिराया जाने भी लगा।

लेकिन दुर्गंध, मानव-अंश, मेडिकल कचरा, संक्रमण और समस्याओं का हवाला देकर स्थानीय ग्रामीणों ने 29 दिसंबर से बहियारा में सड़क जाम और प्रदर्शन किया था। जिला प्रशासन ने बहियारा में कचरा डंपिंग पर रोक लगा दिया, जो अब तक जारी है। सवाल जस का तस रह गया, कि आखिर आरा का कचरा कहां डंप होगा‌।

10 फरवरी के बाद फिर होगी बैठक : नगर आयुक्त

नगर आयुक्त निरोज कुमार भगत ने बताया कि बहियारा के ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ ग्रामीण मान भी गए हैं, लेकिन डंपिंग पर रोक व विवाद जारी है। ग्रामीणों के साथ 10 फरवरी के बाद फिर बैठक कर समझाने का प्रयास किया जाएगा। बहियारा सेंटर में केमिकल का छिड़काव भी किया गया है, जिससे दुर्गन्ध और मच्छर होने की संभावना नहीं है। बहियारा में कचरा निस्तारण प्लांट लगाया जाएगा, ग्रामीणों को कचरा डंप से कोई परेशानी न उठानी पड़े।

पूर्व राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा भी बहियारा सेंटर के विरोध में

भाजपा के पूर्व राज्यसभा सांसद स्थानीय बहियारा गांव के निवासी हैं। वे बहियारा में डंपिंग के विराेध में कई कारणाें का उल्लेख करते हुए मानवाधिकार संगठन के पास शिकायत कर चुके है। इधर, आरा में कचरा डंपिंग की समस्या अभी भी बरकरार है।

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