यह कोई सफाईकर्मी नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर है:कुलसचिव से कहने के बाद भी नहीं मिला सफाईकर्मी, खुद झाड़ू उठाकर की शौचालय और डिपार्टमेंट की सफाई

आरा (भोजपुर)एक महीने पहले
यह कोई सफाईकर्मी नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर है - Dainik Bhaskar
यह कोई सफाईकर्मी नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर है

वीर कुंवर सिंह यूनिवर्सिटी के भोजपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष ने सफाई की मिसाल पेश की है। दरअसल, भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दिवाकर पांडेय ने विभाग से जुड़े समस्याओं को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को सूचित किया था। लेकिन प्रशासन द्वारा मामले को अनदेखा किए जाने के बाद उन्होंने खुद भोजपुरी भवन के भूतल स्थित कमरों तथा शौचालय की साफ सफाई करने का निर्णय लिया।

जानकारी के मुताबिक भोजपुरी भवन की सफाई और रख-रखाव के लिए सफाई कर्मचारी कार्यरत था। मगर उसे कुछ सप्ताह पहले छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष के कार्यालय में बिना किसी कार्यालयी आदेश के निर्गत किये ही मौखिक रूप से बुला लिया गया था। इधर, कई दिनों से भोजपुरी विभाग में कई इंच मोटी धूल की परत जम गई थी। सबसे खराब स्थिति शौचालय,टॉयलेट तथा वाश बेसिन की थी।

कई दिनों से भोजपुरी विभाग में कई इंच मोटी धूल की परत जम गई थी, जिसे विभाग अध्यक्ष ने खुद साफ किया।
कई दिनों से भोजपुरी विभाग में कई इंच मोटी धूल की परत जम गई थी, जिसे विभाग अध्यक्ष ने खुद साफ किया।

कुलसचिव से की थी सफाईकर्मी की मांग

विभागाध्यक्ष प्रो. पांडेय ने कुलसचिव से मिलकर एक सफाई कर्मचारी की मांग की थी। जिसपर कुलसचिव ने उसे तत्काल मुहैय्या कराने का आश्वासन दिया था। दिवाकर पांडेय ने बताया कि कोई कर्मचारी प्रशासन ने नहीं भेजा और दुर्गंध तथा धूल के बीच विभाग में बैठना असह्य हो गया था। जिससे बीमारी की आशंका थी। अंततः मुझे झाड़ू उठाकर खुद सफाई करनी पड़ी।

उन्होंने बताया कि ग्रीष्मावकाश के बाद एक जुलाई से कक्षाएं भी शुरू होने वाली है। मगर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किसी भवन या कमरे की सैनिटाइजेशन तो दूर साधारण ढंग से भी सफाई नहीं की है। प्रो पांडेय ने कहा कि जब तक विवि प्रशासन किसी सफाई कर्मचारी को नहीं भेजता वे प्रतिदिन स्वयं पहले साफ सफाई ही करेंगे उसके बाद छात्रों का पठन पाठन होगा।