छात्र-छात्राओं ने छात्रवृत्ति को किया है आवेदन:पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के आवेदन में 25 तक त्रुटिसुधार का मिला माैका

आरा7 दिन पहले
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जिला शिक्षा कार्यालय। - Dainik Bhaskar
जिला शिक्षा कार्यालय।

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए भोजपुर जिले से कुल 38,400 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किया है। यह आवेदन सत्र 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के छात्र छात्राओं का है। जांच के दौरान इनमें से करीब 10,434 आवेदन त्रुटि पाएं गए है जिसे रिजेक्ट कर दिया गया है। उन त्रुटियों के निराकरण के लिए 25 सितंबर तक का समय दिया गया है।

शिक्षा विभाग के निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि निर्धारित तिथि के बाद आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आवेदक भविष्य में इसके लिए कोई दांवा नहीं करेंगे। कई आवेदकों का आय प्रमाण-पत्र पुराना अपलोड किया गया है। कई ऐसे आवेदक है जिनके संस्थान का रसीद सही नहीं है। कई आवेदक का बैंक एकाउंट सही नहीं है।

कई आवेदकों द्वारा दिए गए बोनाफाइड में काफी गड़बड़ियां है जो सिस्टम पर मैच नहीं कर रहा है। आवेदक के मोबाइल पर मैसेज भेजा जा रहा है कि आपका आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया है। गौरतलब हो कि बिहार सरकार मैट्रिक उत्तीर्ण अथवा उसके समकक्ष के छात्र-छात्राओं को उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के लिए यह छात्रवृत्ति प्रदान करती है। इस योजना के तहत न्यूनत्तम दो हजार एवं अधिकतम 90 हजार तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

यह छात्रवृत्ति अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति , पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के वैसे छात्र/छात्राएं जिनके माता-पिता की वार्षिक आय दो लाख 50 हजार से ज्यादा नहीं हैं उसे ही प्रदान की जाती है। इस योजना के तहत विधिवत मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/महाविद्यालय/संस्थान में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को छात्रवृत्ति की राशि दी जाती है।

छात्रवृत्ति प्रदान के लिए डीडीसी के नेतृत्व में एक कमेटी बनायी गई है। इसमें डीडीसी कमेटी के अध्यक्ष, जिला शिक्षा पदाधिकारी, डीडब्लूओ एवं डीपीओ सदस्य हैं। अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति/ बीसी श्रेणी के एक-एक जनप्रतिनिधि भी कमेटी में शामिल हैं।

10,434 त्रुटिपूर्ण आवेदन किए गए हैं चिह्नित

बिहार राज्य के स्थाई निवासी को मिलती है छात्रवृत्ति
यह छात्रवृत्ति योजना बिहार राज्य के स्थायी निवासी पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं के लिए संचालित है। आवेदक को बिहार राज्य के स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदक की जाति राज्य सरकार द्वारा निर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की सूची में सम्मिलित हो।

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए भारत सरकार द्वारा आवेदक के माता-पिता/अभिभावक के वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के लिए सभी स्रोतों से अधिकतम कुल दो लाख पचास हजार रुपए से ज्यादा आय नहीं होना चाहिए। पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप अन्तर्गत मैट्रिक/प्रवेशिका परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्चतर कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्रा ही छात्रवृत्ति के लिए योग्य होंगे। इस योजना के तहत न्यूनत्तम दो हजार एवं अधिकत्तम 90 हजार तक की छात्रवृति प्रदान की जाएगी।

बिहार राज्य के स्थाई निवासी को मिलती है छात्रवृत्ति
यह छात्रवृत्ति योजना बिहार राज्य के स्थायी निवासी पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के छात्र/छात्राओं के लिए संचालित है। आवेदक को बिहार राज्य के स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदक की जाति राज्य सरकार द्वारा निर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की सूची में सम्मिलित हो।

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए भारत सरकार द्वारा आवेदक के माता-पिता/अभिभावक के वित्तीय वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के लिए सभी स्रोतों से अधिकतम कुल दो लाख पचास हजार रुपए से ज्यादा आय नहीं होना चाहिए।

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप अन्तर्गत मैट्रिक/प्रवेशिका परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उच्चतर कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र/छात्रा ही छात्रवृत्ति के लिए योग्य होंगे। इस योजना के तहत न्यूनत्तम दो हजार एवं अधिकत्तम 90 हजार तक की छात्रवृति प्रदान की जाएगी।

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