नौकरी के लिए फर्जी ढंग से सुहागन बनी विधवा:गलत प्रमाणपत्र की प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी डेढ़ वर्ष से नहीं कर रहे थे जांच

आराएक महीने पहलेलेखक: धर्मेंद्र कुमार सिंह
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आईसीडीएस कार्यालय, आरा। - Dainik Bhaskar
आईसीडीएस कार्यालय, आरा।

जिले में टुन्नी देवी नामक सुहागन महिला महज ₹1500 की नौकरी के लिए सरकारी रेकार्ड में विधवा बन गई है। इसके लिये प्रखंड कार्यालय के कर्मियों ने फर्जीवाड़ा कर बाकायदा उसके पति का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिया। इसके बाद विधवा बनकर टुन्नी देवी, लगभग 2 साल से ज्यादा समय से आंगनबाडी केंद्र में सहायिका है, मानदेय उठा रही है। मामला पीरो प्रखंड क्षेत्र में अगिआंव बाजार गांव के वार्ड नंबर-11, आंगनबाड़ी केंद्र -252 का है।

इस आंगनबाड़ी केंद्र में वर्ष 2019 के अंत में सहायिका पद पर बहाली टून्नी देवी, पति रंजन प्रसाद की हुई थी। उस वक्त टून्नी देवी और पीरो प्रखंड के कर्मियों ने फर्जीवाड़ा कर रंजन प्रसाद की मृत्यु का नकली प्रमाणपत्र बनवाया और नौकरी ले लिया था। इधर, हाल में जांच में पता चला कि उसका पति जिंदा है और झारखंड की राजधानी रांची में रह रहा है। तत्कालीन पंचायत सचिव की मिलीभगत से उसने फर्जी ढंग से पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवा लिया था।

मामले का खुलासा अगिआंव बाजार की निवासी किरण देवी के द्वारा जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां मामला दर्ज करने के बाद हुआ है। वहीं, प्रमाणपत्र की जांच करने के लिए आईसीडीएस की डीपीओ और पीरो की सीडीपीओ ने प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी को वर्ष 2020 में जांच करने को लिखा था। लगभग डेढ़ वर्ष के बाद भी प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी ने जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी।

बाद में जांच पीरो के बीडीओ से कराई गई। बीडीओ ने पाया कि टुन्नी देवी का पति रंजन प्रसाद जीवित और रांची में रह रहा है। इनका प्रमाणपत्र फर्जी था। बीडीओ ने पंचायत सचिव सह रजिस्टार जन्म/मृत्यु को निर्देश दिया कि जल्द से जल्द फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र को रद्द किया जाए। मामले की सुनवाई करते हुए जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी मंजूषा चंद्रा ने दोषी पाते हुए पीरो के प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, सीडीपीओ और पंचायत सचिव पर कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।

मामले की चल रही सुनवाई, जांच के बाद होगी कार्रवाई
आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-252 पर फर्जी ढंग से पति का मृत्यु प्रमाण-पत्र बनाकर सहायिका की नौकरी करने के मामले की आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के न्यायालय में सुनवाई का आदेश मिला। जल्द ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
माला कुमारी, डीपीओ, आईसीडीएस, भोजपुर

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