लक्ष्मी नारायण दुर्गा प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ:बैकुंठाचार्य बोले- भगवान अवतारों की कथा बार-बार सुननी चाहिए

पीरो10 दिन पहले
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लक्ष्मी नारायण दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठात्मक यज्ञ में प्रवचन करते बैकुंठाचार्य। - Dainik Bhaskar
लक्ष्मी नारायण दुर्गा प्राण-प्रतिष्ठात्मक यज्ञ में प्रवचन करते बैकुंठाचार्य।

स्थानीय नगर परिषद के तिलाठ मोड़ के समीप हो रहे श्री लक्ष्मी नारायण दुर्गा प्राण प्रतिष्ठात्मक महायज्ञ में शनिवार को दूसरे दिन स्वामी बैकुंठाचार्य जी महाराज प्रवचन कर रहे थे। संत ने कहा कि ईश्वर अपने अवतारों में लीला करते हैं। यह लोगों को समझाने के लिए होता है। ईश्वर ने श्रीकृष्ण का अवतार लिया, तो उनकी कई लीलाएं प्रचलित हैं। वह समसामयिक स्थिति में लोगों को बताने के लिए किया कि ऐसा भी होता है।

सामाजिक, धार्मिक, पारिवारिक लीलाएं धरातल से जुड़ी हैं। भगवान की कथा बार-बार सुननी चाहिए। इससे हृदय का विकार बाहर हो जाता है। जिस घर में श्रीमद्भागवत की पूजा होती है उस घर में लक्ष्मी का वास होता है। हर घर में श्रीमद्भागवत की पूजा होनी चाहिए। बार-बार कथा सुनने की बात को उन्होंने समझाते हुए कहा कि जिस प्रकार एक बार भोजन कर लेने से एक बार सांस ले लेने से काम नहीं चल सकता है।

उसी प्रकार एक बार कथा सुनने से काम कैसे चल सकता है। भगवान के अवतारों की चर्चा कथा के रूप में हमेशा सुननी चाहिए। इससे मन का विकार बाहर हो जाता है और मन चीत को शांति मिलती है और सांसारिक मोह-माया में मन फंसने से बच जाता है।

उन्होंने कहा कि कथा एक स्टेटस है, एक संस्कार है, यह ईश्वर की कृपा है। जिसे बार-बार सुनने के बाद जीवन में ईश्वर की कृपा बरसने लगती है। जीवन में शांति की प्राप्ति होती है शालीनता आती है सादगी आती है विनम्रता आती है। जिन शब्दों को सुनने के बाद हमारे मन बुद्धि दिमाग को ईश्वर में स्थापित होने का सौभाग्य प्राप्त होता है। उसे कथा कहते हैं।

संत बोले- प्रत्येक व्यक्ति को श्रीमद्भागवत कथा सुननी चाहिए। ईश्वर के अवतारों की चर्चा बार-बार सुननी चाहिए। उन्होंने कर्म के बारे में समझाते हुए विस्तार पूर्वक बताते हुए कहा कि कर्म करते समय व्यक्ति को सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्योंकि कर्म का फल अकाट्य होता है। संत माधवाचार्य जी ने श्रीमद भागवत कथा सुनाई।

यज्ञ संत जीयर स्वामी के सानिध्य में किया जा रहा है। जहां उनके द्वारा आज रविवार से मंगलवार तक प्रवचन के माध्यम से लोगों के बीच अमृत वर्षा होगी। यज्ञ के दूसरे दिन यहां शनिवार को मंडप प्रवेश के साथ अरणी-मंथन किया गया। यज्ञाचार्य और यजमानों ने देवताओं का आवाह्म किया।

मोहनटोला में हुआ विशाल भंडारा
पीरो प्रखंड के मोहन टोला में 1 मई से संत गोविंदाचार्य के सानिध्य में शुरु श्री लक्ष्मी नारायण शतचंडी यज्ञ की पूर्णाहुति शनिवार को हुई। मौके पर विशाल भंडारा हुआ। जिसमे में 1000 से अधिक लोगों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। यहां पिछले छ दिनों से संत गोविंदाचार्य जी, कथा वाचक ऋचा मिश्रा का प्रवचन चल रहा था। रात में रामलीला और रासलीला का मंचन किया जा रहा था। संतों की विदाई की गई।

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