संवैधानिक मांग:समय पर वेतन नहीं देने वाली सरकार को नौकरी देने की बात कहना शर्मनाक

बक्सर11 दिन पहले
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आए दिन सरकार द्वारा कहा जाता रहा कि हम लाखों रोजगार देंगे ।रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे।लेकिन बिहार सरकार का यह कथन हास्यास्पद तब सिद्ध होने लगता है जब सरकार द्वारा बहाल शिक्षकों को तीन तीन माह बाद वेतन मिलने की कोई उम्मीद नहीं रहती है ।एरियर तो वर्षों से लंबित रहता है ।अधिकारियों के रहमोकरम पर एरियर भुगतान होता रहता है ।

आए दिन सरकार तथा शिक्षामंत्री के शिक्षकों की कुछ संवैधानिक मांग रखी जाती है तो कहते हैं कि अभी वेतन की राशि दिए हैं ।मीडिया में अच्छा बनने के चक्कर में शिक्षामंत्री अपनी गरिमा का ख्याल रखना भूल जाते हैं ।शिक्षक संघर्ष मोर्चा बक्सर के अध्यक्ष मुक्तेश्वर प्रसाद ने कहा कि अभी शिक्षकों को दो माह से वेतन नहीं मिला है ।वर्षों से 15 प्रतिशत का एरियर तथा डी एल एड का एरियर बकाया है ।

इसके अलावा कुछ शिक्षकों का कई तरह का एरियर बाकी है जबकि कुछ एरियर भुगतान के लिए राशि जिला में है ।जो अधिकारी विद्यालय में जांच करने जाते हैं वे केवल शिक्षकों को मानसिक सामाजिक रूप परेशान करते हैं वे एक बार भी हम शिक्षकों से नहीं पूछते हैं वेतन समय से नहीं मिलता है कि नहीं ।वेतन बिना हम शिक्षकों का परिवार कैसे रहता है वे नहीं पूछते हैं ।ऐसे अधिकारी व सरकार बिहार के लिए कलंक हैं ।नैतिकता के आधार पर उन्हें रहने का अधिकार नहीं है।

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