भवन का निर्माण किया:व्यवस्था सुदृढ करने की मांग को लेकर सौंपा पत्र

बक्सर14 दिन पहले
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पूरे शाहाबाद की शान अहिरौली बक्सर मे स्थित धन्वंतरि आयुर्वेद कॉलेज व चिकित्सालय की स्थापना वर्ष 1972 में की गई थी। इसकी स्थापना स्व.डॉ. सिद्धनाथ तिवारी ने की थी। इस कमेटी की ओर से ही शुरुआती दौर में भवन का निर्माण किया गया तथा चिकित्सालय भी शुरू किया गया। इसमें लैब के अलावा ओटी भी बनाए गए।

इसमें ऑपरेशन से लेकर अन्य कार्य भी किए जाने लगे। अस्पताल का संचालन सही व सुचारू रूप से होने लगा। इससे यहां के स्थानीय लोगों को लाभ मिलने लगा। इस कॉलेज के सुचारू संचालन और नियमित कार्य को देखते हुए राज्य सरकार ने इसका अधिग्रहण कर लिया। सरकारी स्तर पर अधिग्रहण कर लिए जाने के बाद कॉलेज में नियमित रूप से 60 छात्र- छात्राओं का नामांकन होने लगा।

इनलोगों की पढ़ाई भी होने लगी। रिजल्ट भी निकलने लगा। लेकिन इसके बाद से इसका लाभ ओपीडी से लेकर अंदर तक मिलने लगा। लेकिन, यह सिलसिला 86 से लेकर 2003 तक करीब 17 वर्षों तक चलने के बाद बंद हो गया। तभी से कॉलेज मे छात्र - छात्राओं का नामांकन बंद है। इस कॉलेज में पठन- पाठन भी बंद हो गया।

इसके बाद से पढ़ाई - लिखाई तो बंद हुई ही कॉलेज का विकास भी बंद हो गया। इसपर सरकार का उपेक्षा भाव रहने के कारण भवनों मे गिरावट आने लगी। बाद में इसके जीर्णोद्धार के लिए एक समिति का गठन हुआ, जिसमें उसके कर्मचारी सदस्य बने और शासन- प्रशासन से संघर्ष किया।

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