इनसाइड स्टोरी:दो सौतन के विवाद में जल गया खुर्शीद का परिवार, एक साथ उठे चार जनाजे

दरभंगा14 दिन पहले
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बिरौल के शेखपुरा गांव में आगजनी की घटना में डीएमसीएच में मौत पर विलाप करती महिलाएं। - Dainik Bhaskar
बिरौल के शेखपुरा गांव में आगजनी की घटना में डीएमसीएच में मौत पर विलाप करती महिलाएं।
  • पहली पत्नी से संतान नहीं होने पर की थी दूसरी शादी

बिरौल थाना क्षेत्र के सुपौल बाजार स्थित शेखपुरा के पेट्रोलकांड ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। दो सौतन के बीच के झगड़े ने शनिवार को साढ़े 6 घंटे में 4 सदस्यीय पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया। यानी बड़ी बहू ने सौतन समेत पति और सास को पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला दी। खुद पर भी पेट्रोल छिड़ककर अपनी इहलीला भी खत्म कर ली। बताया जाता है कि मो. खुर्शीद तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी पहली शादी 20 वर्ष पहले सुपौल बाजार के रामनगर की बीवी परवीन उर्फ गुलशन खातून से हुई थी। उससे कोई संतान नहीं हुई। इसको लेकर दोनों पति-पत्नी में बराबर झगड़ा-लड़ाई होते थे। स्थानीय प्रशासन और समाज के लोगों ने दोनों पति-पत्नी को समझाकर मेल मिलाप करवाया था। फिर दोनों पति-पत्नी के राजी से खुर्शीद ने डेढ़ वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के बेंक गांव में दूसरी शादी रौशनी खातून से कर ली। शादी होने के बाद से ही सास और दोनों सौतनों में अक्सर लड़ाई होती थी।

पहले हुई सास की मौत फिर अन्य तीन की गई जान

घटना में सास जुबेदा खातून की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। जबकि पहली पत्नी बीबी परवीन उर्फ गुलशन खातून की मौत स्थानीय सीएचसी में हुई। गंभीर रूप घायल खुर्शीद और दूसरी पत्नी रौशनी को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच भेजा। जहां इलाज के दौरान पति खुर्शीद की मौत हो गई। वहीं, डीएमसीएच से पीएमसीएच पटना बेहतर इलाज के लिए रौशनी खातून को रेफर किया गया। कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। इस तरह से पूरे परिवार की मौत हो गई। वहीं, इस घटना को लेकर दबी जुबान से लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे थे। एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि घटना हत्या की नहीं है, आत्महत्या की है।

दूसरी शादी के बाद से ही शुरू हुआ विवाद

खुर्शीद का बहनोई अब्दुल सज्जाद ने बताया कि जब से दूसरी शादी हुई, तब से अक्सर घर में विवाद होता था। घटना की पहले वाली रात में भी दोनों सौतनों में विवाद हुआ था। इसमें खुर्शीद की पहली पत्नी परवीन कह रही थी कि न हम जिंदा रहेंगे न ही किसी को जिंदा रहने देंगे।

कराहने की आवाज पर पहुंचे बगलगीर

शनिवार को अहले सुबह घर में झुलसते लोगों के कराहने की आवाज सुनकर पड़ोसियों ने ग्रिल खोलकर देखा, तो सब के सब झुलस हुए थे। लोग तत्क्षण सभी घायलों को पीएचसी ले गए। जहां सास जुबेदा खातून, पहली पत्नी गुलशन खातून ने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरी पत्नी चार माह की गर्भवती रौशनी खातून और खुर्शीद की मौत इलाज के दौरान डीएमसीएच में हो गई।

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