ऐतिहासिक दिन:झंझारपुर से 21 स्टेशनों पर रुकते हुए साढ़े तीन घंटे में सहरसा पहुंची स्पेशल डेमू ट्रेन

दरभंगा16 दिन पहले
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कोसी महासेतु से 1934 के बाद पहली बार गुजरती यात्री ट्रेन। - Dainik Bhaskar
कोसी महासेतु से 1934 के बाद पहली बार गुजरती यात्री ट्रेन।
  • रेल सेवा बहाल हाेने से सीमांचल और मिथिलांचल का हुआ सीधा जुड़ाव

शनिवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीसी के जरिए झंझारपुर-सहरसा रेलखंड पर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। झंझारपुर से 21 स्टेशनों पर रुकते हुए स्पेशल डेमू ट्रेन साढ़े तीन घंटे में सहरसा पहुंची। रेल सेवा बहाल हाेने के एेतिहासिक अवसर का गवाह बनने के लिए समारोह स्थल पर भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने में आरपीएफ जवान को मशक्कत करनी पड़ा। डीआरएम अशोक अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि रविवार से टाइम टेबल के अनुसार प्रतिदिन 3 जाेड़ी ट्रेनें चलेगी।

उद्घाटन को लेकर झंझारपुर रेलवे स्टेशन पर पुख्ता इंतजाम था। वहीं, झंझारपुर से सहरसा के लिए चली डीएमयू में 10 यात्री बोगी लगी है। काउंटर से पहला टिकट घोघरडीहा के लिए कटा। पहले दिन डीएमयू में एलपी मनोज कुमार यादव, एएलपी छोटू कामत, ट्रेन मैनेजर नवीन कुमार उज्ज्वल और सीएलआई आरके चौधरी मौजूद रहे। ट्रेन की स्पीड झंझारपुर से तमुरिया के बीच 60 किमी प्रतिघंटा, तमुरिया से निर्मली की स्पीड 90 किमी प्रतिघंटा, निर्मली से आसनपुर कुपहा के बीच 80 किमी प्रतिघंटा और आसनपुर से सरायगढ़ के बीच 100 किमी प्रतिघंटा तय की गई है।

आज से 3 जोड़ी ट्रेनें चलेंगी, रेलवे की ओर से ट्रेन की गति सीमा निर्धरित की गई

^88 वर्ष बाद मिथिलांचल और सीमांचल को एक होने का अवसर मिला है। इसके लिए भारत सरकार और राज्य सरकार को धन्यवाद है। -राकेश कुमार, लखनौर

^रेलवे की छोटी लाइन बंद हो जाने के बाद से झंझारपुर आरएस बाजार में व्यवसाय पर असर पड़ा था। अब दिन बदलेगा। -अजय कुमार टिबरेवाल, जदयू नेता

^दीप, हरभंगा, तमुरिया सहित लखनौर प्रखंड के दर्जनों गांव के लोग वर्षों से रेल सेवा पर ही आश्रित हैं। रेल सेवा बहाल होना सुखद है -संजय कुमार निराला, सरपंच, दीप पूर्वी पंचायत
^पेंशनर और वृद्ध लोगों को झंझारपुर आने के लिए 10 से 15 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करनी होती थी। रेल मंत्रालय धन्यवाद का पात्र है। -सुखचंद्र झा, तमुरिया

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