बालू का चालान नहीं देने पर कर दी हत्या:5 दिन बाद मुख्य आरोपी राजद विधायक प्रतिनिधि ने किया सरेंडर

गया2 महीने पहले
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हत्या का मुख्य आरोपी वैजू यादव कंधे पर गमछी लटकाए हुए - Dainik Bhaskar
हत्या का मुख्य आरोपी वैजू यादव कंधे पर गमछी लटकाए हुए

बीते रविवार को एकलव्य कंपनी के डाटा आॅपरेटर विकास कुमार की गोली मार कर हत्या करने वाले मुख्य आरोपी वैजू यादव और उसके एक सहयोगी ने गया कोर्ट में शुक्रवार की शाम सरेंडर कर दिया। वह उसके साथी बीते 5 दिनों से फरार चल रहे थे। वहीं पुलिस हत्या में शामिल एक और आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। खास बात यह है कि जिस समय वह कोर्ट में सरेंडर कर रहा था। उस समय उसके चेहरे पर तनिक भी सिकन नहीं थी। बीते पांच दिनों से वैजू यादव की गिरफ्तारी नहीं होने की वजह से यह मामला राजनीतिक रंग लेने लगा था। बड़ी संख्या में लोगों व नेताओं की आवाजाही मारे गए विकास कुमार के गांव में शुरू हो गई थी। विकास कुमार की गलती इतनी थी कि उसने एकलव्य कंपनी के कहने पर वैजू यादव को बालू का चालान देने इनकार कर दिया था।

विकास की मां ने रंजू देवी ने वैजू यादव, कांधो यादव और गोरे यादव के खिलाफ अतरी थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। इस संबंध में थानाध्यक्ष दीवाकर विश्कर्मा ने बताया कि विकास कुमार की हत्या करने वाला वैजू यादव और कांधो यादव ने गया कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। उसके एक और सहयोगी गोरे यादव को पुलिस कोलकाता से गिरफ्तार कर थाने लाई है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि वैजू यादव और कांधो यादव को पुलिस कोर्ट से रिमांड लेगी। उन्होंने बताया कि जांच में अन्य आरोपियों के नाम सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।

एक दरोगा की शह पर बना अपराधी

हत्या के मुख्य आरोपी वैजू यादव बालू धंधे में तीन वर्ष पूर्व कदम रखा था। उस वक्त उसे अतरी थाना के थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार का सहयोग मिला तो वह दिन रात अवैध बालू के धंधे में जुट गया। इस बीच जितेंद्र सिंह दरोगा की पोस्टिंग अतरी थाने में हुई। उन्होंने बालू माफियाओं के खिलाफ पुरजोर अभियान चलाना शुरू किया तो वैजू के ंधंधे मंे परेशानी होने लगी। इस बीच जितेंद्र सिंह ने थानाध्यक्ष से बालू माफियाओं के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने की अपील जितेंद्र सिंह ने थानाध्यक्ष से की बावजूद इसके वह बालू माफियाओं को सह देते रहे।

इस दौरान एक दिन बालू लदे वैजू के ट्रैक्टर को पकड़ लिया। इस बात की सूचना मिलते ही वैजू अपने साथियों के साथ आया जितेंद्र सिंह पर हमला कर उसे जख्मी कर दिया था। इस पर जितेंद्र सिंह ने थाने में वैजू यादव के खिलाफ तहरीर दी तो थानाध्यक्ष उसे दबाए रखा। लेकिन जब यह मामला हाइलाइट होने लगा तो वरीय अधिकारियों को सामने आना पड़ा और फिर जाकर केस दर्ज हो सका था। यही नहीं जितेंद्र सिंह यह भी आशंका जताई थी कि थानाध्यक्ष बालू माफियाओं से मिल कर उसकी हत्या तक करवा सकते हैं।

इस बात की वरीय अधिकारियों ने जांच भी की थी लेकिन जांच वह ठंडे बस्ते पर अब तक पड़ा है। न तो थानाध्यक्ष के खिलाफ उस समय कार्रवाई की गई और न ही वैजू यादव के गिरफ्तार ही किया गया। नतीजतन वैजू यादव को हौसल बढ़ता गया और एक दिन उसने एक निर्दोष की हत्या कर दी।

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