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तीसरी लहर से निपटने की तैयारी:ओमिक्रॉन से निपटने के लिए एएनएमएमसीएच तैयार, शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए लगे ऑक्सीजनयुक्त 122 बेड

गया14 दिन पहले
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अनुमंडलीय अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए लगी बेड - Dainik Bhaskar
अनुमंडलीय अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए लगी बेड
  • मगध मेडिकल में 100 से पार स्वास्थ्यकर्मियों का पॉजिटिव होना खतरे की घंटी, मरीज बेतहाशा बढ़ते रहे तो प्रभावित होगी व्यवस्था

मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल गया कोविड 19 से निपटने को तैयार रखा गया है। यहां कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज को एमसीएच बिल्डिंग सुरक्षित रखा गया है। हालांकि अब तक यह राहत की खबर है, कि मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती नहीं हैं, यानि की मरीजों में कोरोना के सिम्पटम हैं और ऐसे में आराम से घर में ही आइसोलेट होकर इलाज करवा रहे। इस तरह से मेडिकल में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए अभी कोई खास चुनौती नहीं है। किन्तु दूसरी ओर देखें, तो मेडिकल में करीब 100 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी पॉजिटिव मिले हैं। शुक्रवार की सुबह तक यह आंकड़ा 115 का पहुंच चुका है।

यह संख्या और भी बढ़ने की आशंका बताई जा रही है। मेडिकल में स्वास्थ्यकर्मियों के बीच कोरोना का चेन इसी तरह से चलता रहा, तो यह परेशानी का सबब बन सकता है। यदि मरीज बेतहाशा बढ़े और गंभीर होने वाले पॉजिटिव मरीजों की संख्या मेडिकल में बढ़ी तो इसका प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे पॉजिटिव मरीजों की चिकित्सा प्रभावित हो सकती है। हालांकि मेडिकल में इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के दावे किए जा रहे हैं। गौरतलब, हो कि मेडिकल में स्वास्थ्यकर्मियों जैसे डॉक्टर, इंटर्न छात्र, एएनएम, प्रोफेसर आदि के बड़े पैमाने पर संक्रमित हुए हैं और यह सिलसिला अब भी जारी है।

टिकारी अनुमण्डल अस्पताल में चार लेवल पर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था, कोविड मरीज के लिए बेड तैयार

जिले में अनुमंडल स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट तो बने पर इसमें पिछड़ गया नीमचक बथानी, कई पीएचसी के हालात खस्ता
नीमचक बथानी अनुमंडल में कोविड-19 लेकर तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन की व्यवस्था कर ली गई है, लेकिन अभी तक बथानी में पूर्व में संचालित डेडिकेटेट हेल्थ केयर सेंटर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है, कि आखिर इस बार डेडिकेट सेंटर बथानी में होगा या कहीं और।

सुदूर क्षेत्र होने के कारण उक्त डेडिकेटेड हेल्थ केयर सेंटर के संचालन में समस्या होने के साथ खिजरसराय या मोहड़ा से संक्रमित लोगों को वहां जाने में खासे परेशानी का करना पड़ा था। खिजरसराय चिकित्सा प्रभारी डॉ भोला भाई ने बताया कि खिजरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 16 बेड का स्पेशल कोविड बेड बनाया गया है, जहां हर बेड पर आक्सीजन की व्यवस्था है। इसके अलावे हॉस्पिटल में 20 ऑक्सीजन सिलेंडर भी रखा गया है। हॉस्पिटल के अन्य वार्ड में भी रहे बेड के साथ ऑक्सीजन लगाया गया है, ताकि आपात स्थिति में कोई परेशानी न हो।

पीएचसी बथानी की स्थिति सबसे बुरी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बथानी का हाल सबसे खराब है, यहां एक छोटे से कमरे में ही तीन बेड लगे हुए हैं, जबकि दो बेड बरामदे में है। चिकित्सा प्रभारी अबधेश प्रसाद ने बताया कि भवन के अभाव में स्वास्थ्य केंद्र में कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है, परंतु कोविड संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ताओं को स्कैनर उपलब्ध करा दिया गया है।

बथानी प्रखंड कार्यालय के बगल में स्थित एएनएम कॉलेज में पिछली बार 70 बेड का डेडिकेटेट हेल्थ केयर सेंटर बनाया गया था, परंतु इस बार स्वास्थ्य विभाग के द्वारा एएनएम कॉलेज में कोई विशेष तैयारी नहीं की गई है। इस मामले में चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि अभी तक विभाग से कोई चिट्ठी नहीं प्राप्त हो सकी है, इस कारण उस सेंटर में किसी चिकित्सक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति नहीं की गई है। बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है एवं बेड सुसज्जित है।

अतरी में अब तक संक्रमण का एक भी मामला नहीं
अतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा प्रभारी डॉ0 प्रभात कुमार ने बताया कि यहां कोविड संक्रमण से निपटने के लिए 20 बेड लगाए गए और सभी पर ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 8 ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक में रखे गए हैं। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि अतरी में कार्यरत सभी आशा कार्यकर्ता को पल्स मीटर एवं स्कैनर उपलब्ध करा दी गई है । अतरी में कोविड के जांच में अभी तक एक भी संक्रमित व्यक्ति नहीं पाया गया है, जबकि खिजरसराय में कुल संक्रमण की संख्या 42 हो गई है।

अस्पताल की जमीन का अतिक्रमण और खुद हो रहे मोहताज
महकार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र में 20 बेड किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। यहां ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में हैं। अनुमण्डल स्तर पर ऑक्सीजन प्लांट बनाने के मामले में खिजरसराय पीछे रहा, जबकि जिले के दोनों अनुमण्डल में ऑक्सीजन प्लांट लगा दिया गया है। खिजरसराय अनुमण्डल मुख्यालय है। इस कारण यहां कोविड से निपटने को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र को भी अपग्रेड करने की आवश्यकता है, परंतु फिर भी यहां सरकारी स्तर पर कोई विशेष व्यवस्था नहीं की गई।

इससे बड़ी बिडम्बना क्या होगी, कि सरकारी जमीन का अतिक्रमण हो रहा है, लेकिन जगह के अनुपलब्धता के चलते यहां अनुमण्डल स्तरीय रेफरल हॉस्पिटल नहीं बन सका है। इस कारण यहां अनुमण्डल मुख्यालय होने के बाद जिस प्रकार सरकारी सुविधा मिलनी चाहिए वो नहीं है। फिर भी चिकित्सा प्रभारी डॉ0 भोला भाई के कुशल नेतृत्व में स्वास्थ्य सुविधा बेहतर है ।

शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में 122 बेड, वेंटिलेटर और 5 वीपाइप की भी है व्यवस्था
एक तरफ ओमिक्रॉन वायरस का खतरा तो दूसरी तरफ डेल्टा वेरिएंट के मिल रहे मरीजों ने एक बार फिर स्वास्थ्य महकमा की चुनौतियां बढ़ा दी है। प्रखंडों में मिल रहे कोरोना मरीजों की संख्या देखते हुए शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल तीसरी लहर को लेकर व्यवस्थाएं पूरी करने में लगा है। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डा. राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि संक्रमण को कम करने के लिए रैपिड एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्रूनेट से कोरोना जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक दिन गैप करके आरटीपीसीआर से जांच की जाती है। वहीं कोविड मरीजों के लिए 122 बेड तैयार किया गया है, जहां ऑक्सीजन की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि दो वेंटिलेटर और 5 वीपाइप की भी व्यवस्था है। इसके अलावे भी तीसरी लहर का सामना करने के लिए अस्पताल अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने में जुटा हुआ है। उन्होंने बताया कि फिलहाल अस्पताल में एक भी मरीज भर्ती नहीं है।

संसाधनों से लैस टिकारी अस्पताल एक्शन के लिए तैयार
सरकार के निर्देश पर अनुमण्डल अस्पताल टिकारी में कोरोना पेसेंट के इलाज के लिए ऑक्सीजन प्लांट और अन्य चिकित्सीय व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त है और किसी भी समय एक्शन में आने में कोई देर नहीं होगी। ऐसा दावा अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबन्धक का है। स्वास्थ्य प्रबंधक अजित कुमार ने बताया कि अस्पताल अपनी पूरी क्षमता से कोविड संक्रमण को रोकने और उसके पेसेंट के इलाज के लिए तैयार है। अभी कुल 27 मरीजों की पहचान हुई है, परन्तु सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है, जबकि आइसोलेशन सेंटर में 39 रोगियों की व्यवस्था पूरी तरह से चौक चौबंद है। 11 डॉक्टर, 6 आयुष चिकित्सक और 55 कर्मियों सहित अन्य संसाधनों की परीक्षा भी अभी विगत दिनों किये गए मॉक ड्रिल में कई गई थी। अस्पताल प्रबंधक अजित कुमार ने बताया कि एक बार में 45 मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध साधनों के माध्यम से कराई जा सकती है।

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