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युवाओं के लिए प्रेरणा:87 साल की उम्र में प्रतिदिन 50 किमी. से भी अधिक साइकिल चला बांटते हैं अखबार

नीमचक बथानी9 दिन पहले
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87 साल के उम्र के एक वृद्ध को प्रतिदिन सैकड़ों लोग साइकिल चलाते देखते है। मौसम चाहे बारिश की हो या गर्मी की या हाड़ कपाती ठंढ हो ये 87 साल का वृद्ध खिजरसराय से 10 किलोमीटर दूर नई बाजार एवं महकार के अलावे लगभग दर्जन भर गांवों के लोग इन्हें साइकिल से पेपर बांटते प्रति दिन देखते हैं। साइकिल चलाकर अखबार बेचने का इनका ये सफर कोई 5 या 10 साल का नहीं पूरे 64 साल का है।

कर्मयोगी का नाम युगल किशोर प्रसाद है जो कि अपना ये सफर 1957 शुरू किया और आज भी जारी है। जिस उम्र में लोग खाट पकड़ लेते हैं वो आज भी एक मिसाल बने हुए हैं। आज भी ये प्रति दिन सुबह 5 बजे घर से निकल कर 50 किमी साइकिल चलाकर दोपहर में घर लौटते हैं। इनके दोनों पुत्र भी अखबार बेचने को पुस्तैनी धंधा मान कर अखबार बेच रहें हैं।

युगल के दोनों पुत्र भी पिता के काम में बंटाते हैं हाथ
स्कूल में खाना बनाने के अलावे डॉक्टर के पास घरेलू नौकर का काम कर चुके युगल किशोर प्रसाद वर्ष 1957 से 5 आर्यावर्त मंगाकर अखबार बेचना शुरू किया उस समय एक अखबार की कीमत 2 आना था। और चार बाजार और एक रौनिया गांव में जाता था इसके बाद 1960 तक 25 अखबार आने लगा और फिर इसे चिरैली, टेउसा एवं टेटुआ में बिक्री ले लिया साइकिल से जाने लगे।

इसके बाद 1962 में अखबार की मांग कुड़वा एवं जहानाबाद जिले के विष्णुगंज एवं नवाबगंज से होने लगी तब अखबार की संख्या 50 हुआ और ये कुड़वा से साइकिल से विष्णुगंज ,धराऊत नवाबगंज, छरियारी एवं सोनमा तक लगभग आते जाते 60 से 70 किलोमीटर साइकिल चलाते था। इसके बाद ये लगभग 11 बजे लौटने के बाद टेउसा , टेंटुआ और सर्वहदा तक पेपर बेचने जातें थे। उस समय उनका ये दिनचर्या 4 से 5 बजे शाम तक होता

क्षेत्र के लोग इनके काम की करते हैं सराहना
अनुमण्डल क्षेत्र में ये आज इनके कार्य से लोग काफी प्रभावित हैं लोग इन्हें बड़े सम्मान के साथ पुकारते हैं। इन्हें लोग कितना सम्मान करते हैं ये अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन्हें हर उम्र के लोग युगल जी कहकर पुकारतें हैं।

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