गया में हल्की बूंदाबांदी ने बढ़ाई किसानों की चिंता:मौसम का बिगड़ा मिजाज, हल्की बारिश की संभावना; गेहूं की फसल की सिंचाई करना उचित नहीं

गया9 महीने पहले
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शाम होते ही छाने लगा धुंध। - Dainik Bhaskar
शाम होते ही छाने लगा धुंध।

गया जिले में मंगलवार की सुबह से मौसम का मिजाज खराब होने लगा है। धूंध के बीच से भगवान सूर्य निकलने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन धुंध उनकी रोशनी को धरती पर आने नहीं दे रही थी। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा। लेकिन, दोपहर बाद अचानक से मौसम का मिजाज एकदम से बिगड़ सा गया। बादल गरजने लगे, हल्की बूंदा-बूंदी भी शुरू हो गई।

शाम के पांच बजे ही अंधेरा छाने लगा है। इस बीच बारिश की बूंदे भी रुक रुक कर पड़नी शुरू हो गई। मौसम का यह तेवर ठंड में इजाफा के साथ ही किसानों के लिए सचेत कर रहा है। यदि वह चूक गए तो उनकी फसलें नष्ट हो सकती हैं।

क्या बोले मौसम वैज्ञानिक

मानपुर कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक जाकिर हुसैन का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज की वजह से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ने की संभावना है। जिले के अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। इस दौरान आकाश में बदली छाई रहेगी। साथस ही शीत लहरी की भी स्थिति बन रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे मौसम में किसानों को खास एहतियात बरतने की आवश्यकता है।

धान का सुरक्षित भंडारण कर लें किसान

किसान धान को सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। ताकि पानी से धान के दानों को नुकसान न हो। तापमान में गिरावट को देखते हुए मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर ही रखें। बारिश को देखते हुए किसान गेहूं की फसलों में सिंचाई न करें। गेहूं के खेत में ज्यादा नमी रहने पर फसल में पिलापन की स्थिति बन जाती है। लिहाजा ऐसे मौसम में सिंचाई करने दूरी बनाए रखें। यह स्थिति 30 दिसंबर तक बनी रह सकती है।