पॉलीथिन को करें अलविदा, जूट के थैले का करें इस्तेमाल:बीएड प्रशिक्षुओं व विद्यालय के छात्रों को प्लास्टिक के इस्तेमाल न करने का दिलाया गया संकल्प

गयाएक महीने पहले
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शहर के जीबी रोड स्थित टी. मॉडल प्लस टू विद्यालय में सोमवार को अभ्यास शिक्षण कार्यक्रम के तहत अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक थैली निषेध दिवस का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद विशिष्ट अतिथि शिक्षाशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज ने बीएड प्रशिक्षुओं एवं विद्यालय के छात्रों से कहा कि आज समय आ गया है, प्लास्टिक के थैले को अलविदा कहें और उसके स्थान पर कपड़े के बने थैले का प्रयोग करे। प्लास्टिक की थैली का प्रयोग और उसका सही कचरा प्रबंधन न होने से धरती की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है। इतना ही नहीं यदि किसी भी प्रकार मवेशी अपने भोजन के साथ प्लास्टिक की थैली को निगल लेते हैं वैसी अवस्था में उनकी मौत हो सकती है। उन्होंने सभी प्रशिक्षु शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से कहा कि संकल्प लें कि आप अपने जीवन में प्लास्टिक की थैली का इस्तेमाल नहीं करेंगे। विकल्प के तौर पर कागज या जुट के बने हुए थैले का प्रयोग करेंगे।

लघु नाटिका की हुई प्रस्तुति
मौके पर टी मॉडल स्कूल के नौवीं कक्षा के छात्र सागर कुमार, सत्यम कुमार और राहुल कुमार ने एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत किया। छात्र विराज कुमार एवं मयंक तिवारी ने उक्त विषय पर अपने विचार रखे मौके पर सभी ने प्लास्टिक की थैली का प्रयोग न करने की शपथ भी ली। संचालन बीएड प्रशिक्षु एवं ग्रुप लीडर नेहा नाज ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय के शिक्षक मो. तौफीक ने किया।

शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाने का प्रयास

उन्होंने कहा कि अपने शहर को स्वच्छ सुंदर एवं स्वस्थ बनाने की दिशा में एक छोटा सा कदम हम सभी उठाएं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं सभा के अध्यक्ष डॉ. भोला सिंह ने कहा कि जीवन में कम से कम प्लास्टिक का प्रयोग करें और अधिक से अधिक लोगों को इस बात के लिए जागरुक एवं प्रेरित करें। बता दें कि गया कॉलेज के शिक्षा शास्त्र विभाग के बीएड प्रशिक्षुओं ने प्राचार्य डॉ. दीपक कुमार के दिशा-निर्देश में यह कार्यक्रम किया।

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