मंगोलिया से बिहार आए 23 मेहमान:बोधिवृक्ष के नीचे साधना की, बुद्ध की तपोस्थली ढुंगेश्वरी गुफा में मत्था टेका

गया10 महीने पहले
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महाबोधि मंदिर में मंगोलिया शिष्टमंडल ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया और कलाकृतियों को निहारा। - Dainik Bhaskar
महाबोधि मंदिर में मंगोलिया शिष्टमंडल ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया और कलाकृतियों को निहारा।

कोरोना की दूसरी लहर के बाद पहली बार शुक्रवार सुबह विदेशी मेहमानों के शिष्टमंडल से महाबोधि मंदिर परिसर गुलजार हुआ। मंगोलिया संसद के अध्यक्ष जंदनशतर के नेतृत्व में आए 23 सदस्यीय शिष्टमंडल ने महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में बुद्ध को नमन किया और मत्था टेका। साथ ही विश्व में सुख-शांति की कामना की। इसके बाद दी- होली ट्री के नीचे आसन लगाकर ध्यान साधना की।

कोरोना की महामारी की वजह से बोधगया में देशी विदेशी पयर्टकों और श्रद्धालुओं व भिक्षुओं का आना पूरी तरह से बैन था। अनलॉक के बाद पयर्टकों व श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई है, पर विदेशी मेहमानों का अब भी आना शुरू नहीं हुआ था। गुरुवार शाम मंगोलिया के संसद जंदनशतर अपने 23 सदस्यीय शिष्टमंडल के साथ बुद्ध का दर्शन करने गया पहुंचे। यहां पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले बुद्ध की तपोस्थली ढुंगेश्वरी गुफा में मत्था टेका व ढुंगेश्वरी पवर्त की हसीन वादियों का लुत्फ उठाया।

जिला सूचना कार्यालय के कर्मी इरशाद बदर ने बताया कि मंगोलिया संसद ने कहा है कि वह भारत के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आमंत्रण पर यहां आए हैं। यहां आकर हमें काफी अच्छा लग रहा है। भारत हमारा आध्यात्मिक साथी है। यहां की संस्कृति और इतिहास हमें एक दूसरे से जोड़ते हैं। यहां धरती पवित्र भूमि है।

महाबोधि मंदिर में दर्शन और ध्यान के बाद मंगोलिया शिष्टमंडल ने पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण किया और कलाकृतियों को निहारा। फिलहाल शिष्टमंडल महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया में भी पूजा अर्चना करने के बाद दलाई लामा के आवासन स्थल का दर्शन करने में जुटे हैं। इसके बाद वह मंगोलिया टेंपल भी जाएंगे। दोपहर इस मौके पर उन्हें बीटीएमसी की ओर से सभी आंगतुकों को खादा व डीएम अभिषेक सिंह द्वारा महोबोधि मंदिर ममेंटो भी भेंट किए गए। साथ ही उन्हें कॉफी टेबल भेंट किए गए हैं। इस मौके पर जिला प्रशासन की टीम मौजूद रही।