गया में बिना प्रिंसिपल का चल रहा जेजे कॉलेज:ढाई माह पहले कोरोना की वजह से प्रिंसिपल की हुई थी मौत, तब से अभी तक यूं ही चल रहा जेजे कॉलेज, एडमिशन करवाने आ रहे छात्रों को हो रही परेशानी

गया3 महीने पहले
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जगजिवन महाविद्यालय। - Dainik Bhaskar
जगजिवन महाविद्यालय।

बिहार सरकार इन दिनों उच्च शिक्षा का स्तर सुधारने में जुटी है। इस क्रम में सरकार के तरफ से गया में तीन नए विश्वविद्यालयों की मान्यता भी दी गयी। लेकिन फिर भी मगध विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता व उपेक्षा से प्रखण्ड का गौरव जेजे कालेज बीते ढाई माह से प्रिंसिपल विहीन है। इससे समस्त शिक्षण और गैर शिक्षण कार्य ठप्प है।

वहीं इस संबंध ने स्थानीय लोगों ने बताया कि बीते 27 मई को कालेज के स्थायी प्रचार्य डॉ कुमार राजीव रंजन का कोरोना की वजह से निधन हो गया था। उसके बाद से ही कालेज में स्थिरता का अभाव हो गया। उनके निधन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू बनाये रखने के लिए 2 जून को गया कालेज के प्रचार्य डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा को यहां का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। लेकिन उनका भी बीते 29 जुलाई को स्थानांतरण हो गया है।नतीजन अब महाविद्यालय पूरी तरह प्रिंसिपल विहीन बन गया है।

इधर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक न तो स्थायी प्रचार्य की नियुक्ति की गई है और न ही प्रभारी प्रचार्य का नोटिफिकेशन हुआ है।इस बाबत प्रक्षेत्रीय मंत्री शिक्षकेत्तर महासंघ विनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉ सिन्हा बीती 6 जुलाई के बाद कालेज परिसर में नहीं आये है और अब तो स्थानांतरण भी हो गया है।नतीजन कालेज के सभी कार्य ठप गये है।ऐसे में सभी की निगाहे नए प्रिंसिपल की नियुक्ति पर टिकी है।उन्होंने बताया की प्रतिदिन सैकड़ो की संख्या में छात्र एडमिशन करवाने के लिए पहुंच रहे है और विश्वविद्यालय के रवैये से लौटने को मजबूर हो रहे है।

छात्रों की माने तो स्नातक में नामांकन किए जाने का भी समय खत्म होने को है। गौरतलब है कि इस कालेज में मानपुर के अलावा वज़ीरगंज, फतेहपुर, हुलासगंज सहित गया के छात्र दाखिला लेते है।अभी हाल में ही कई अन्य विषयों की भी मान्यता दी गयी थी, जिस पर भी ब्रेक लग गया है।

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