• Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Gaya
  • On The Very First Day, From Principal To Teachers Were Absent, Less Number Of Students Were Present.

आज से खुले सरकारी स्कूलों का ऐसा रहा हाल:स्कूलों में पहले ही दिन प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक तक सभी मिले नदारद; स्टूडेंट्स की संख्या भी सराहनीय नहीं मिली

गया3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
लीला महतो हाई स्कूल, गया। - Dainik Bhaskar
लीला महतो हाई स्कूल, गया।

बिहार सरकार ने बेशक 7 अगस्त से सरकारी स्कूलों में नौवीं और दसवीं के क्लास शुरू करने के आदेश दे दिए हैं लेकिन टीचर हैं कि वह स्कूल आने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। टीचर अब भी अपने ठसक में ही जी रहे हैं। मन हुआ तो आ गए मन नहीं हुआ तो नहीं आए। बच्चों की पढ़ाई व उनके भविष्य से उनका अब भी कोई लेना देना नहीं है। इस बात को दैनिक भास्कर डिजिटल ऐसे नहीं कह रहा है बल्कि पूरे जांच पड़ताल व प्रमाण के साथ आपके समक्ष रख रहा है।

सात अगस्त से स्कूल खुलने है। ऐसे में सरकार के आदेश के बाद आज से स्कूल में नौवीं व दसवीं के बच्चों की पढ़ाई शुरू की जानी थी। इसकी सत्यता जांचने के लिए दैनिक भास्कर शहर से 20 किलोमीटर दूर सोहैयपुर स्थित लीला महतो हाई स्कूल साढ़े दस बजे पहुंचा। लेकिन वहां का नजारा देख कर दंग रह गया। स्कूल में न तो टीचर थे न ही प्रिंसिपल और न ही बच्चे। स्कूल विरान पड़ा था। स्कूल के अंदर गांव के तीन बच्चे जो दूसरे किसी स्कूल में पढ़ते हैं वह खेलते हुए नजर आए। स्कूल में न तो साफ-सफाई का नामोनिशान मिला और न ही कोई व्यवस्था। करीब पौने ग्यारह बजे मैथ्स के एक शिक्षक आए। वह कहने लगे कि आज पहला दिन थोड़ा बहुत तो ऊपर नीचे होता ही है। इसके बाद जैसे ही दैनिक भास्कर का संवाददाता स्कूल से चंद कदम आगे बढ़ा ही था कि विभिन्न स्थानों से फोन आने लगे और खबर न छापने व वीडियो न दिखाने का दबाव भी बनाने लगे।

यह तो लीला महतो हाई स्कूल का हाल आपने जाना अब शहर के अंदर श्याम बाबू उच्च विद्यालय का हाल जानिए। यहां कारेानो की गाइड लाइन को लेकर प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक तक सजग हैं। बच्चे भी मास्क पहन कर आए थे। क्लास रूम सैनेटाइज भी किया गया था पर बच्चे व बच्चियों की संख्या सराहनीय नहीं थी। यहां नौवीं व दशमी दोनों मिला कर करीब साढ़े चार सौ स्टूडेंट्स हैं। उसमें आधे से भी कम स्टूडेंट्स आज आए थे। हालांकि स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि पहला दिन और आज शनिवार भी है। इस वजह से हो सकता है कि बच्चे नहीं आए। सोमवार से उनकी उपस्थिति बेहतर रहेगी।

अब दैनिक भास्कर की टीम शहर में स्थित सोनू लाल वर्णवाल गर्ल्स हाई स्कूल पहुंची। यहां भी स्टूडेंस की संख्या सराहनीय नहीं मिली। इससे बड़ी बात है कि यहां कुल बच्चियों की संख्या 1000 हैं पर शिक्षक महज छह ही है। जैसे-तैसे स्कूल का संचालन किया जा रहा है। इससे बड़ी बात यह भी है कि इस स्कूल में प्रभारी प्रिंसिपल और पूर्व की प्रिंसिपल के बीच जमकर टकराव चल रहा है। जिसकी वजह से नए वाले प्रिंसिपल नखहीन दंतहिन बने हैं। उनके पास स्कूल संचालन के अलावा कोई भी वित्तीय व विभागीय सुविधा जो सरकार की ओर से दी जाती है वह नहीं है। वित्तीय व विभागीय सुविधा पर पूर्व प्रिंसिपल कुंडली मारे बैठी है। हालांकि प्रभारी प्रिंसिपल की ओर से विभाग को कई बार चिट्‌ठी लिखी गई है पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

खबरें और भी हैं...