गया में चोरों के निशाने पर BSNL:चोरों ने BSNL और उसके उपभोक्ताओं की हालत खराब की, शहर के सभी चार टावर फिलहाल बेकार​​​​​​​

गया9 महीने पहले
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गया में शहर के चोरों ने बीएसएनएल की हालत खराब कर दी है। इसका खामियाजा उसके उपभोक्ता रोज ही भुगत रहे हैं। शहर में काम करने वाले दस हजार से अधिक मोबाइल जो बीएसएनएल से जुड़े हैं वे ठप पड़े हैं। उन पर घंटिया नहीं बज रही हैं। कारण चोरों द्वारा बीते दिनों एक एक कर चार टावरों से बीटीएस कार्ड को चुरा ले जाना है।

वहीं दूसरी ओर चर्चा है कि यह खेल निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए तो नहीं किया गया है। इधर बीएसएनएल के उप महाप्रबंधक डीपी पाल ने बताया कि जिन इलाकों में बीटीएस कार्ड की चोरी हुई है वहां दोबार कार्ड लगाया जाना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके बावजूद विभाग की ओर से हर संभव कोशिश की जा रही है। साथ ही उन्होंने यह भी आशंका जताई कि चोरी के खेल के पीछे निजी कंपनियों का भी हाथ हो सकता है ताकि बीएसएनएल की शाख को ठेस पहुंचे।

क्यों हुई समस्या विकराल

बीते दिनों चोरों ने बीएसएनएल के चेरकी थाना क्षेत्र के मंझार, डेल्हा थाना क्षेत्र के धनिया बगीचा, चाकंद थाना क्षेत्र के हनुमान नगर से चोरों ने 6 लाख से अधिक रुपये के बीटीएस कार्ड की चोरी ली थी। बताया गया है कि चोरी की वारदात एक-एक कर तीन दिनों में की गई थी। इसके बाद से संबंधित इलाकों में बीएसएनएल की मोबाइल सेवा पूरी तरह से ठप सी हो गई है।

बीएसएनएल से जुड़े उपभोक्ताओं के माबाइल की घंटी बीते कई दिनों से नहीं बज रही है। उनके मोबाइल शो पीस बन कर रह गए हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 10 हजार से अधिक बताई जा रही है। वहीं विभाग अब स्टोर में पुराने पड़े बीटीएस कार्ड की तलाश में जुटा है पर उसे अब तक सफलता नहीं मिली है।

चीन से आते थे बीटीएस कार्ड

दरअसल, बीटीएस इक्यूपमेंट के अधिकांश सामान चाइनिज कंपनी जेडटीई सप्लाई करती थी। गया जिले में लगे बीएसएनएल के सभी बीटीएस के इक्यूपमेंट इसी कंपनी के हैं। भारत सरकार ने चाइनिज प्रोडक्ट की रोक के बाद वहीं से बीटीएस इक्यूपमेंट की सप्लाई नहीं हो रही है। इस वजह से यह समस्या और भी गंभीर बनी हुई है।

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