मंदिर से निकल कर भक्तों के बीच आए भगवान:गया में हरे कृष्ण-हरे राम से गुंजायमान हुआ शहर, निकाली गई रथयात्रा

गया2 महीने पहले
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इस्कॉन मंदिर से माघ पूर्णिमा के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई।स्थानीय इस्कॉन मंदिर से रविवार 3 बजे एक भव्य रथ के ऊपर विराजमान होकर श्री चैतन्य महाप्रभु और श्री नित्यानंद प्रभु पूरे गया शहर में भ्रमण के लिए निकले। इस मौके पर इस्कॉन संस्थापक आचार्य श्री प्रभुपाद जी का विग्रह भी रथ के ऊपर स्थापित था।

शहर के वरिष्ठ व्यक्तियों के अलावा एसडीओ इंद्रवीर कुमार, एयसपी मुकेश कुमार, डॉ एएन राय व इस्कॉन गुरुग्राम के अध्यक्ष रामभद्र प्रभु , इस्कॉन पानीहाटी के अध्यक्ष राधापाद प्रभु, औरंगाबाद से अभय अच्युत प्रभु , पटना से राधपति चरण प्रभु के उपस्थिति में रथ के ऊपर विराजमान ठाकुर जी की आरती की गयी।इस मौके पर रामभद्र प्रभु ने कहा कि कलयुग में सभी को परम आनंद देने के लिए श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु के रूप में और बलराम नित्यानंद प्रभु के रूप में आए और पूरे विश्व में संकीर्तन का प्रचार किया।

राधापाद प्रभु ने कहा की कलयुग के लोग मंदिर नहीं जाते हैं तो भगवान दया करके रथ में विराजमान हो कर दर्शन देने रास्ते में निकल जाते हैं। 35 फ़ीट ऊंची रथ फूलों से सजाया गया था। रस्ते में जगह जगह रथ का स्वागत करने के लिए रंगोली बनाई गई थी। पूरे रास्ते श्रद्धालु हरे कृष्ण गा रहे थे और उछल उछल कर नृत्य कर रहे थे।

रथ गेवाल बीघा , काशीनाथ मोड , सिविल लाइन्स , केदारनाथ मार्किट , जीबी रोड , कोतवाली , टेकारी रोड, बाटा मोड़ , स्वराजपुरी रोड , जयप्रकाश झरना होते हुए इस्कॉन मंदिर में पहुंची। 56 भोग अर्पित किया गया। रथ पहुँचने के बाद आरती की गई और भंडारा कराया गया। खास बात यह भी रही यात्रा के दौरान रास्ते में प्रसाद भी बांटे जा रहे थे।