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लोकतंत्र की खूब बही बयार:लाल फौज पर लोकतंत्र हुआ भारी, दिखा उत्साह; वोटरों का उत्साह देख चुनाव अधिकारियों का दहशत हुआ कम

गयाएक वर्ष पहलेलेखक: रंजन सिन्हा
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जिले के बाराचट्टी प्रखंड का धनगाई गांव का इलाका कभी दिन के उजाले में भी नक्सलियों के कारनामों से गूंजता रहता था। - Dainik Bhaskar
जिले के बाराचट्टी प्रखंड का धनगाई गांव का इलाका कभी दिन के उजाले में भी नक्सलियों के कारनामों से गूंजता रहता था।

अंतिम चरण के तहत गया के अति उग्रवाद प्रभावित बाराचट्टी व मोहनपुर प्रखंड में मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। इस दौरान नक्सल क्षेत्र में मतदाताओं ने जमकर वोटिंग की। जिस स्कूल पर नक्सलियों के कहर के निशान मौजूद थे, उसी स्कूल पर मतदाताओं ने जमकर वोटिंग हुई। ऐसा पहली बार हुआ जब लाल फौज पर लोकतंत्र भारी पड़ा।

बाराचट्टी प्रखंड का धनगाई गांव का इलाका कभी दिन के उजाले में भी नक्सलियों के कारनामों से गूंजता रहता था। धनगांव मध्य विद्यालय पर 3 बूथ बनाए गए थे। जहां मतदाताओं ने बंपर वोटिंग की। इसी स्कूल को वर्ष 2012 में नक्सलियों ने विस्फोट कर उड़ा दिया था। यह स्कूल आज भी मलबे में तब्दील दिखी। इस स्कूल के बगल में नए भवन में वोटिंग की व्यवस्था की गई थी।

जहां बूथ संख्या 68, 68 क और 14 बनाए गए थे। सुबह से ही मतदाता लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी निभाने को तत्पर थे। पुरुष तो पुरुष महिलाओं ने भी अपनी भागीदारी जमकर निभाई। अहले सुबह से लेकर शाम 3 बजे तक उक्त मतदान केंद्र पर मतदान का प्रतिशत 71 % था। जो निश्चित रूप से लाल तंत्र पर भारी पड़ा।

नक्सल इलाकों का बदल गया माहौल
वहीं इस बूथ पर मौजूद सेक्टर मजिस्ट्रेट मोहम्मद इकबाल ने बताया कि पता चला तो मन में भय व्याप्त था।। लेकिन यहां आने के बाद यहां का नाराजा बदल गया। हालांकि बूथ के बगल में ही नक्सलियों द्वारा उड़ाए गए स्कूल का मलबा था। उस वक्त भी ऐसा लग रहा था कि शायद ‘कुछ’ हो जाएगा। लेकिन जिस तरह से स्थानीय मतदाता वोटिंग के लिए आए और उनका उत्साह देखा हिसाब ही बदल गया।

दशहत की वजह से हम वोटिंग के दिन पहुंचे

बूथ पर तैनात पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट विजय कुमार ने कहा कि हम मुख्य रूप से मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं। जैसे ही पता चला कि बाराचट्टी जैसे नक्सली इलाके में हमारी ड्यूटी लगी है। तब हमारे सहयोगी ने भी सलाह दी कि ठीक से जाइएगा। उस समय तक मन में भय व्याप्त था। रात्रि में बूथ की जगह क्लस्टर सेंटर पर ही दहशत की वजह से सो गए थे। जिसके बाद आज सुबह धनगाई मध्य विद्यालय बूथ पर पहुंचे। लेकिन मतदाताओं के उत्साह को देखकर हमें भी साहस बंधा।