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आस्था:‘नवरात्र’ कलश स्थापना के साथ शुरू हुआ माता के दरबार में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु

गया7 दिन पहले
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  • शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर में करीब पांच हजार व मां दु:खहरणी मंदिर में पांच सौ से ऊपर भक्तों ने किया दर्शन

शक्ति की भक्ति का पर्व “नवरात्र’। घर व मंदिरों में कलश स्थापना के साथ शेरोवाली मां दुर्गा की आराधना का पर्व शनिवार से शुरू हो गया। भक्तों ने पितामहेश्वर, ब्रह्मसत व रुक्मिणी सरोवर पहुंच कलश में जलभरी की, फिर ढोल-नगाड़े के साथ शुभ मुर्हूत में पूजा स्थल के पास कलश की स्थापना की, साथ ही मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। पूजा अर्चना के बाद माता को घी, वटक एवं गुड़ का नैवेध अर्पण किया। आचार्य नवीन चंद्र मिश्र वैदिक ने बताया कि रविवार को भक्त मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करेंगे। इस दिन शक्कर, खजुर, मधु का नैवेध माता को अर्पण करें, इससे दीर्घायु, पितरों को उद्धार एवं सुंदरता प्राप्त होगी। आचार्य ने बताया कि प्राय: हस्ता नक्षत्र में कलश स्थापना होती थी और विसर्जन श्रवण नक्षत्र में होता था, लेकिन इस बार अधिकमास के कारण चित्रा नक्षत्र में कलश की स्थापना हुई है।

मां मंगलागौरी में पांच हजार भक्तों ने किया दर्शन
शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर के दरबार में नवरात्र के प्रथम दिन भक्तों की अच्छी-खासी भीड़ दिखी। मास्क व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें प्रवेश कराया गया। जय मां मंगलागौरी प्रबंधकारिणी समिति के सलाहकार बंटी सिंह ने बताया कि सुबह से लेकर शाम तक करीब पांच हजार भक्तों ने मां मंगला के दरबार में मत्था टेंका। सोशल डिस्टेंस बनाकर श्रद्धालुओं ने माता का दर्शन-पूजन किया।

गर्भगृह में प्रवेश वर्जित, धर्मसभा स्थल से दर्शन
मां मंगलागौरी मंदिर में गर्भगृह में भक्ताें का प्रवेश वर्जित था। परिक्रमा स्थल से थोड़ा आगे धर्मसभा स्थल से भक्तों ने मां का दर्शन व पूजन किया। हाथों में पूजा की थाली लिए दिन भर खासकर महिलाओं व युवतियों की मंदिर में चहल-पहल रही। सुरक्षा के दृष्टिकोण से चार गृहरक्षक जवान तैनात थे। कोराेना को को लेकर पार्टी इंचार्ज मनोज कुमार अम्बष्ट के नेतृत्व में सभी गृहरक्षक अपनी सेवा दे रहे है।

25 ब्राह्मण कर रहे हैं दुर्गा सप्तशती का पाठ
वैश्विक आपदा कोरोना वायरस के कारण इस बार दुर्गा सप्तशती पाठ के लिए ब्राह्मणों को विशेष पास इश्यु नहीं किया गया है। मंदिर के पास बने एक हॉल में करीब 25 ब्राह्मण सोशल डिस्टेंस बना दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं। इधर मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद के साथ-साथ शीतल जल की भी व्यवस्था की गई है। नवरात्र को लेकर मां मंगला का दरबार पूरा सजा हुआ है।

दु:ख व कष्ट को दूर करती है मां दु:खहरणी
नवरात्र को लेकर मां दु:खहरणी मंदिर में भी दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। पुजारी चंद्रभूषण मिश्र ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन करीब एक हजार श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे है। उन्होंने बताया कि मां दु:खहरणी दु:ख व कष्ट को दूर करती है। मां का स्तुती करने से ही हर कष्ट दूर हो जाते है। उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की परेशानी भक्तों को नहीं हुई। आराम से कतारबद्ध होकर श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया।

मां बांग्ला व मां शीतला का दरबार भी सजा
शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर के अलावे मां बांग्ला स्थान, मां शीतला मंदिर व मां बागेश्वरी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की अच्छी चहल-पहल देखने को मिली। बता दें कि इस बार वैश्विक आपदा कोरोना वायरस के कारण पंडालों में कलश की स्थापना नहीं हुई है। प्रमुख पूजा पंडालों द्वारा इस बार मां दुर्गा की प्रतिमा नहीं बैठाई जाएगी। विजयादशमी का पर्व भी गांधी मैदान में नहीं मनेगा।

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