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शारदीय नवरात्र:कलश स्थापना के साथ ‘शक्ति’ की भक्ति शुरू, दस हजार भक्तों ने ‘मां मंगला’ का किया दर्शन

गया20 दिन पहले
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पितामहेश्वर सरोवर में जलभरी के लिए पहुंचे श्रद्धालु। - Dainik Bhaskar
पितामहेश्वर सरोवर में जलभरी के लिए पहुंचे श्रद्धालु।

शक्ति की भक्ति का महापर्व ‘नवरात्र’। घर, मंदिर व पूजा पंडालों में गुरुवार को कलश स्थापना के साथ शेरोवाली मां दुर्गा की आराधना का महापर्व शुरू हो गया। भक्तों ने पितामहेश्वर, ब्रह्मसत व रूक्मिणी सरोवर पहुंच कलश में जलभरी की फिर ढोल-नगाड़े के साथ शुभ मुर्हूत में पूजा स्थल के पास कलश की स्थापना की, साथ ही माता भगवती के नौ रुपों में एक मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। पूजा के बाद माता को नैवेध अर्पण किया।

बता दें कि जगत जननी माता भगवती की आराधना को लेकर घरों में भी पूजा स्थल के पास काफी सुंदर सजावट की गई। डोली पर बैठ आयी माता रानी का भक्तों ने श्रद्धा व विश्वास के साथ स्वागत किया। नवरात्र को लेकर भक्ति गीतों से शहर का हर कोना गूंजायमान दिखा। शुक्रवार को भक्त मां दुर्गा के दूसरे रूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करेंगी।

10 हजार भक्तों ने मां मंगलागौरी में टेंका मत्था

शारदीय नवरात्र शुरू होते ही देवी मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों का तांता दिन भर लगा रहा। शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर में नवरात्र के पहले दिन करीब दस हजार भक्तों ने माता का दर्शन-पूजन किया। जय मां मंगलागौरी प्रबंधकारिणी समिति के सलाहकार बंटी सिंह ने बताया कि सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर में भक्तों का आना लगा रहा। करीब दस हजार भक्तों ने मां मंगला के दरबार में मत्था टेंका।

अन्य देवी मंदिरों में पूजा के लिए लगी कतार
शक्तिपीठ मां मंगलागौरी मंदिर के अलावे मां दु:खहरणी, मां बांग्लास्थान, मां बागेश्वरी व मां शीतला मंदिर में भी दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतार दिखीं। मां दु:खहरणी में करीब पांच सौ भक्तों ने माता का दर्शन किया। आरती कर नारियल फोड़ी। मालूम हो कि नवरात्र को लेकर हाथों में पूजा की थाली लिए दिन भर खासकर महिलाओं व युवतियों की मंदिर में चहल-पहल रही।

दु:ख व कष्ट को दूर करती है मां दु:खहरणी
नवरात्र को लेकर मां दु:खहरणी मंदिर में भी दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचे। पुजारी चंद्रभूषण मिश्र ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन करीब पांच सौ से ऊपर श्रद्धालु दर्शन को पहुंचे है। उन्होंने बताया कि मां दु:खहरणी दु:ख व कष्ट को दूर करती है। मां का स्तुती करने से ही हर कष्ट दूर हो जाते है।

देवी मंदिरों में शुरू हुआ दुर्गा सप्तशती का पाठ
नवरात्र को लेकर देवी मंदिरों में भी दुर्गा सप्तशती पाठ शुरू हो गया। सोशल डिस्टेंस के साथ ब्राह्मणों द्वारा मंदिरों में माता का पाठ किया जा रहा है। कोविड गाइडलाइन के साथ पंडालों में कलश की स्थापना की गई। पंडालों में विराजमान मां दुर्गा का दर्शन 12 से भक्त करेंगे। 13 को महाअष्टमी व्रत और 14 अक्टूबर को नवमी का हवन करेंगे।

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