पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Gaya
  • Education Minister Expressed Displeasure Over Sending A Representative To Receive The State Award

प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे डीपीओ को नहीं सौंपा सम्मान:राजकीय पुरस्कार ग्रहण करने के लिए प्रतिनिधि को भेजने पर शिक्षा मंत्री ने व्यक्त की नाराजगी

गया15 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
राजकीय शिक्षक सम्मान समारोह में डीपीओ को नहीं सौंपा गया सम्मान। - Dainik Bhaskar
राजकीय शिक्षक सम्मान समारोह में डीपीओ को नहीं सौंपा गया सम्मान।
  • चयनित हुए शिक्षक डॉ. मनोज कुमार यूपीएससी एग्जाम में बने थे सीएस

शिक्षक दिवस के दिन राजकीय समारोह में पुरस्कार ग्रहण करना शिक्षकों के लिए गरिमायी क्षण होता है। लेकिन रविवार को शिक्षक दिवस के दिन यूपीएससी की परीक्षा रहने के चलते राजकीय पुरस्कार 2021 के लिए चयनित शिक्षक सह हरिदास सेमिनरी स्कूल के प्रभारी प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार निराला पुरस्कार ग्रहण करने पटना नहीं जा सके।

डॉ. निराला यूपीएससी एग्जाम में केंद्राधीक्षक बनाए गए थे। जिला से उनकी जगह मध्याह्न भोजन योजना के डीपीओ अनिल कुमार को बतौर प्रतिनिधि पुरस्कार ग्रहण करने के लिए भेजा गया था। रविवार की दोपहर एक बजे से डॉ. मदन मोहन मालवीय स्मृति सभागार, पटना में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था।

इस कार्यक्रम में सूबे के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, विभाग के अपर संयुक्त सचिव समेत तमाम वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। जैसे ही गया से डॉ. मनोज कुमार निराला के नाम की घोषणा हुई, वैसे डीपीओ अनिल कुमार मंच पर पहुंच गए।

न तो शॉल ओढ़ाया और ना ही सम्मानित किया
मंत्री को डीपीओ के प्रतिनिधि रूप में आने का कारण बताया गया। इसपर शिक्षा मंत्री श्री चौधरी और अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी व्यक्त की। ना तो इन्हें शॉल ओढ़ाया गया और ना ही सम्मानित किया गया। यहां तक की ग्रुप फोटोग्राफी में भी इन्हें जगह नहीं मिली।

इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिले के शिक्षकों ने कहा है कि इस तरह की बात थी तो सीएस बदल देना चाहिए था ताकि चयनित शिक्षक खुद राजकीय समारोह में पुरस्कार ग्रहण कर इस स्वर्णिम क्षण के गवाह बनते।

जो लौटकर कभी वापस नहीं आएगा। बता दें कि डीपीओ एमडीएम श्री कुमार को निगरानी अन्वेंषण ब्यूरो की टीम, विशेष केंद्रीय सहायता (एससीए) अंतर्गत सात करोड़ के बेंच-डेस्क, उपस्कर आदि की खरीददारी मामले में पिछले दस दिनों से बेसब्री से खोज रही है।

विजलेंस की टीम गत सप्ताह दो दिन एमडीएम ऑफिस का मुआयना कर पटना लौटी है। विश्वस्त सूत्रों की मानें तो विजलेंस की टीम को इस खरीददारी में अनियमितता बरते जाने के साक्ष्य हाथ लगे हैं।

खबरें और भी हैं...