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मनमानी:कोरोना से मौत के बाद भी परिजनों को नहीं मिल रहा डेथ सर्टिफिकेट

गया2 महीने पहलेलेखक: रंजन सिन्हा
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शासन-प्रशासन कोविड से मौत के आंकड़ों को छुपा रही है। कारण कई गिनाए जा रहे। एक तो स्वास्थ्य महकमा की विफलता को छुपाना दूसरे चार लाख मुआवजा नहीं देने की मंशा। ऐसे रोज कई उदाहरण मिल रहे हैं। ताजा मामला मानपुर भुसुंडा निवासी विष्णु देवी का है। पति सुरेन्द्र बिंद की मौत अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना से पिछले पांच मई को हो गई है। अब अस्पताल प्रशासन कोरोना से मौत संबंधी डेथ सर्टिफिकेट देने से आनाकानी कर रहा है। बेचारी अबला विधवा विष्णु देवी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। सुन कोई नहीं रहा। अब न्याय के लिए वह डीएम का दरवाजा खटखटाएगी।

कोरोना पॉजिटिव का हुआ इलाज | सुरेन्द्र बिंद को बीमार होने पर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया। इन्हें कोविड वार्ड में रखा गया। कोरोना पॉजिटिव बताया गया। पांच मई को मौत हो गई। डेड बॉडी कैरिंग सर्टिफिकेट में मौत का कारण कोरोना पॉजिटिव लिखा गया। यहां तक कि शव को परिजनों को सीधा सौंपने के बजाय कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार विष्णुपद श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार प्रशासनिक देखरेख में किया गया। इसके पहले सुरेन्द्र बिंद का इलाज गया स्थित एम्स अस्पताल में हुआ था, जहां जांच में कोरोना की पुष्टि होने के बाद अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था।

तीन बेटियों की होनी है शादी
अबला विष्णु देवी की आठ बेटियां हैं। इनमें तीन पुत्रियां अभी अविवाहित है। पति सुरेन्द्र बिंद ही घर के कर्ताधर्ता थे। अब यह परिवार दाने-दाने को मोहताज हो गया है। विष्णु देवी बताती हैं कि उन्होंने कई बार स्वास्थ्य अधिकारियों से अनुनय-विनय की है। परंतु अब तक सिर्फ झिड़की ही मिली है। बह पढ़ी-लिखी भी नहीं है, इसलिए कागजों की जानकारी भी नहीं है।

जांच रिपोर्ट का है पेंच
पीड़िता विष्णु देवी ने बताया कि एएनएमसीएच में मुझसे जांच रिपोर्ट मांगी जा रही है। मैं अनपढ़ हूं। जो कागजात मुझे दिया गया था, एसे संभाल कर रखी हूं। मुझे क्या पता जांच रिपोर्ट कौन सा है? अब यहां सवाल उठता है कि यदी सुरेन्द्र बिंद कोविड पॉजिटिव नहीं थे तो उन्हें कोविड वार्ड में भर्ती कैसे किया गया? उनकी मौत के बाद जारी सर्टिफिकेट में बीमारी का नाम कोरोना पॉजिटिव कैसे लिखा गया? शव को पूरी तरह से कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार क्यों अंतिम संस्कार किया गया? मृतक के आधार कार्ड से जांच रिपोर्ट की दूसरी प्रति निकाली जा सकती है।

डीएम से लगाऊंगी न्याय की गुहार: विष्णु
मेरी तीन बेटियों की शादी होना मुश्किल है। यदि सरकार द्वारा घोषित मुआवजा की राशि मिल जाती तो अपने जेवर-जेवरात और अन्य संपत्ति बेचकर अपने तीनों बेटियों को निवाह देती। अब डीएम से ही अंतिम आसरा है। शीघ्र ही न्याय के लिए डीएम से न्याय की गुहार लगाउंगी।विष्णु देवी, पीड़ित

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