बिहार में बारात लेकर पहुंची एयर होस्टेस:गया में घोड़ी पर सवार दुल्हन को देख थमे लोग; डांस देख शरमा गया दूल्हा

गया5 महीने पहले

अमूमन दूल्हा ही बारात लेकर धूम-धाम के साथ दुल्हन के घर जाता है। गया शहर में मंगलवार की शाम एक ऐसी बारात निकली, जिसे देख लोगों के कदम थम से गए। वे एकटक बारात और दुल्हन को निहारने लगे। ऐसा होता भी क्यों न। बारात का जलवा ही कुछ नायाब और अलहदा था। इस बारात में दूल्हा नहीं, बल्कि दुल्हन ही घोड़ी पर सवार होकर पूरे जोश और बैंड-बाजे के साथ निकल पड़ी थी।

पूरी शानो-शौकत के साथ दुल्हन बारात लेकर दूल्हे के घर पहुंची। वहां से घोड़ी पर सवार होकर आगे-आगे चली और पीछे से दूल्हा कार में सवार होकर विवाह मंडप तक पहुंचा। दुल्हन इंडिगो एयर लाइंस की सीनियर एयर होस्टेस है तो दूल्हा कोलकाता में बड़ा बिजनेसमैन। खास बात यह भी कि दुल्हन ने इस मौके पर जमकर डांस किया और लड़कों के अंदाज में सिटी भी बजाई।

डांस करती दुल्हन को देख शरमाया दूल्हा (लाल कुर्ते में)।
डांस करती दुल्हन को देख शरमाया दूल्हा (लाल कुर्ते में)।

सिजुआर स्टेट में हो रही है यह अनोखी शादी
दरअसल, गया के चांद चौरा इलाके की रहने वाली अनुष्का गुहा की शादी कोलकाता के रहने वाले जीत मुखर्जी से हो रही है। शादी के सभी विधि-विधान सिजुआर स्टेट की धर्मशाला में हो रहे हैं। शाम ढलते ही सिजुआर स्टेट भवन से कुछ दूरी पर दुल्हन को घोड़ी पर बिठाया गया और वो बारात बैंड-बाजे के साथ निकल गई। करीब आधा किलोमीटर की दूरी तय करते हुए एक होटल के पास पहुंची। वहां लड़की पक्ष का लड़का पक्ष की ओर से स्वागत किया गया।

आगे बारात विवाह मंडप सिजुआर स्टेट के लिए निकल पड़ी। घोड़ी पर सवार दुल्हन आगे-आगे और लड़का कार पर सवार होकर पीछे चल रहा था। बारात जब सिजुआर स्टेट पहुंची तो लड़की ने घोड़ी से उतर जबरदस्त डांस किया।

घोड़ी पर सवार दुल्हन मंडप तक पहुंची।
घोड़ी पर सवार दुल्हन मंडप तक पहुंची।

कहती थी- हम बारात लेकर लड़के के घर जाएंगे
बता दें कि दुल्हन अनुष्का की मां सुष्मिता बोस शहर के बड़े निजी स्कूल नाजरेथ एकेडमी की म्यूजिक टीचर हैं। उनका कहना है कि अनुष्का बचपन से कहती थी कि आखिर लड़का ही बारात लेकर क्यों जाता है। लड़की बारात लेकर क्यों नहीं जाती है। उसके इस सवाल का हम जवाब देते थे, लेकिन वह संतुष्ट नहीं होती थी। कहती थी कि हम बारात लेकर लड़के के घर जाएंगे।

वहीं लड़के के पिता ने कहा कि समानता और हकदारी की बात जब होती है, तो लड़की को भी बारात लेकर जाने की छूट दी जानी चाहिए। हमने अपनी बहू को यह दिया और बहू बारात लेकर पहुंची।