खुफिया रिपोर्ट का दावा- नक्सलियों ने बिछाए IED-लैंड माइंस:गया के इमामगंज में जगह-जगह खतरा, यहीं 2 ब्लॉक में कल पंचायत चुनाव की वोटिंग

गया2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

बुधवार को गया में इमामगंज विधानसभा के इमामगंज और डुमरिया प्रखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के 8वें चरण का मतदान होने जा रहा है। पंचायत चुनाव के विरोध में नक्सलियों ने इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के लिए जगह-जगह IED और लैंड माइंस बिछा रखे हैं। वहीं प्रशासन भी किसी भी तरह की अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं कर रहा है। यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि प्रदेश सरकार का खुफिया विभाग कह रहा है। उसके द्वारा जारी किए गए पत्र में यह तमाम बातें कही गई हैं।

दैनिक भास्कर के पास गया एसपी के द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को भेजी गई खुफिया रिपोर्ट है। खुफिया विभाग के इस खुलासे से स्पष्ट हो गया है कि इमामगंज विधानसभा में जगह-जगह घातक बम प्लांट किए गए हैं। यह अलग बात है कि वे बम अब तक न तो CRPF को मिले हैं और न ही जिला पुलिस को। हालांकि दोनों मिलकर संयुक्त रूप से बम को ढूंढने में जुटे हैं, पर उन्हें सफलता नहीं मिली है।

नक्सली बीते एक महीने से इस चुनाव का विरोध कर रहे हैं। बीते 14 नवंबर को डुमरिया के मोनावार के जंगल में 4 निर्दोष लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाकर मारने की घटना को भी अंजाम दे चुके हैं। उन चार में से दो महिलाएं थीं। इसके अलावा छकरबंधा के जंगल में भी एक दिन पूर्व IED ब्लास्ट कर अपनी उपस्थिति जता दी है। अचरज की बात है कि IED ब्लास्ट वाले स्थान को ढूंढ निकालने में पुलिस को दो दिनों का समय लग गया। इन तमाम गतिविधियों के बीच अब बुधवार को आठवें चरण का मतदान होने जा रहा है।

पहले दिन ही हावी खौफ, अभी दो दिन और बाकी: नक्सलियों की तीन दिनों की बंदी, नहीं चले वाहन, न ही खुली दुकानें

गया में कल चुनाव, आज बदले मतदान केंद्र: आयोग ने नक्सलियों के डर से बड़ी संख्या में बूथों का किया फेरबदल

नक्सलियों ने अपनी मांगों को लेकर 3 दिनों की बंदी का ऐलान किया है। आज उसके पहले दिन डुमरिया का नजारा कुछ ऐसा रहा।
नक्सलियों ने अपनी मांगों को लेकर 3 दिनों की बंदी का ऐलान किया है। आज उसके पहले दिन डुमरिया का नजारा कुछ ऐसा रहा।

बंद के ऐलान का पहले दिन दिखा असर
इमामगंज विधानसभा क्षेत्र में नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के बंद के ऐलान का असर क्षेत्र में देखने को मिला। तीन दिवसीय बंदी के पहले दिन क्षेत्र में प्राइवेट और सरकारी सवारी वाहनों के पहिए थमे रहे। बाजार में भी पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। बड़ी से लेकर छोटी दुकानें नहीं खुलीं। यहां तक की गुमटी, खोमचे और रेड़ी वाले भी सिरे से नदारद दिखे। बैंकों और पेट्रोल पंपों पर ताला लटका रहा।

जान हथेली पर लेकर चुनावी ड्यूटी पर जाते कर्मचारी।
जान हथेली पर लेकर चुनावी ड्यूटी पर जाते कर्मचारी।

चुनाव वाले इलाकों में पुलिस बल की है तैनाती
खुफिया विभाग की विशेष शाखा ने बीते 20 नवंबर को अपने पत्रांक संख्या 3310 में कहा है कि अति नक्सल प्रभावित इलाके में जगह-जगह लैंड माइंस और IED के जाल बिछाए गए हैं। इस बारे में विभाग के पास अब तक पुष्ट सूचना है। वहीं पुलिस प्रशासन का दावा है कि पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती चुनाव वाले इलाके में की गई है। चुनाव शांतिपूर्वक और सुरक्षित निपटाने के लिए हर तरह से कदम उठाए गए हैं।