महीने के 2 तारीख को थानेदार हो जाते सस्पेंड:गया के फतेहपुर थाने में साल भर भी नहीं टिकते थानेदार, डेढ़ साल में 4 नपे

गयाएक महीने पहलेलेखक: दीपेश

गया जिले के फतेहपुर थाने को बीते डेढ़ वर्ष से नजर लगी पड़ी है। यहां आने वाला हर एक थानेदार साल भी पूरा नहीं कर पा रहा है। जो भी यहां कार्यरत होते है वह सालभर में सस्पेंड हो जाता। 2021 से लेकर अब तक 4 थानेदार सस्पेंड या फिर लाइन हाजिर हो चुके हैं। खास बात यह है कि 4 में से एक को पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार के कृपा पात्र होने के बावजूद उन्हें सस्पेंशन का दंड भुगतना पड़ रहा है। हालांकि उन्हें बचाने के लिए पूर्व एसएसपी आदित्य कुमार ने हद से बढ़ कर कोशिश की लेकिन बचा नहीं सके। उलटा अब दोनों के खिलाफ फतेहपुर थाने में न केवल केस दर्ज है बल्कि आबकारी कोर्ट में केस भी चल रहा है।

2 तारीक से है गज़ब का नाता

इससे भी खास बात यह है कि बीते डेढ़ वर्ष में सस्पेंशन और लाइन हाजिर का दंश भुगत रहे हर एक थानेदार का महीने के 2 तारीख से गजब का नाता है। यह संयोग कहें या फिर कुछ और लेकिन यह सच है। अबुजर अंसारी 2 जनवरी 2021 को सस्पेंड किए गए। इसके बाद संजय कुमार 2 जून को सस्पेंड हुए। इसके बाद मनोज राम 2 अक्तूबर को सस्पेंड कर दिए गए और अब हाल में ही राहुल रंजन लाइन हाजिर किए गए हैं। वे भी 2 जुलाई को ही किए गए हैं।

जन शिकायत सुनते पुलिसकर्मी।
जन शिकायत सुनते पुलिसकर्मी।

जानें कब-कौन-कैसे हुआ सस्पेंड

  • वर्ष 2021 में थानेदारा अबुजर अंसारी को प्रेम प्रसंग के मामले में फरार चल रहे युगल प्रेमी केस में लड़की पक्ष की जमकर मदद की थी। यहां तक लड़का के पिता को ही जेल भेज दिया था। इस बात की शिकायत जब वरीय अधिकारियों तक पहुंची तो जांच हुई जिसमें वे दोषी पाए गए और उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद से फतेहपुर थाने का समय खराब होना शुरू हो गया जो अब तक जारी है।
  • अबुजर के बाद संजय कुमार थानेदार बनाए गए। उन्होंने छापेमारी में शराब तो बरामद की पर उसका रिकार्ड कहीं दर्ज नहीं किया। यहां तक की मालखाने से भी शराब गायब हो गई। इस मामले में उन्हें पहले लाइन क्लोज किया गया और फिर सस्पेंड कर दिए गए। संजय कुमार को बचाने के चक्कर में खुद SSP आदित्य कुमार फंस गए। उन पर यह आरोप है कि थानेदार के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए बचाने की कोशिश की गई।
  • तीसरा थानेदार मनोज राम, इन्होंने एक मर्डर केस के मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए पीड़ित पक्ष से ही पुलिस की गाड़ी में फ्यूल भरवा लिया। इस आरोप में वे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए गए थे। जांच में मनोज कुमार दोषी पाए गए थे।
  • इसके बाद अब चौथे थानेदार राहुल रंजन जिन्हें लाइन हाजिर कर दिया गया है। इनके ऊपर विधि-व्यवस्था व अनुसंधान में लापरवाही और अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं करने का आरोप है।