एक घटना की तीन जांच, कोई रिजल्ट नहीं:सेंट्रल स्कूल पर मंगलवार को आएगी प्रशासन की जांच रिपोर्ट, टीचर पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

गया7 महीने पहले
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गया शहर के सेंट्रल स्कूल-1 के मामले में पुलिस, प्रशासन और स्कूल प्रबंधन, तीनों ने एक साथ जांच शुरू कर दी है। लेकिन अब तक कोई भी जांच किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, तो वहीं DM अभिषेक सिंह ने कमेटी गठित कर जांच की कार्रवाई का जिम्मा SDM को सौंपा है। इस जांच कमेटी में तीन बड़े अफसर शामिल हैं।

वहीं दूसरी ओर स्कूल के क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी भी इस मामले में बीते तीन दिनों से जांच कर रहे हैं। पर उनकी जांच भी अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। उधर पीड़ित छात्र व उसके पिता आरोपित टीचर को जेल भेजने की मांग पर अड़े हैं।

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हिंदू संगठनों के एकजुट होने से गरमाया मामला
पुलिस ने संबंधित मामले में हिंदू संगठनों के एकजुट होने के बाद मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज करने के समय पुलिस को फजीहत भी झेलनी पड़ी। दरअसल घटना के दिन पीड़ित छात्र अपने पिता के साथ केस दर्ज कराने डेल्हा थाना गया। पर वहां के दारोगा ने पिता-पुत्र की चोटी को लेकर टिप्पणी कर दी। इस बात का खुलासा पिता-पुत्र ने हिंदू संगठनों के सामने उस दारोगा को पहचानते हुए कही, तो पुलिस पानी-पानी हो गई। वह बगले झांकने लगी।

दूसरी ओर डीएम ने मामले को तूल पकड़ता देख घटना के तीन बाद अपनी ओर से जांच के आदेश दिए हैं। कहा कि जांच की जिम्मेदारी SDM इंद्रवीर को दी गई है। वे मंगलवार को हमें रिपोर्ट देंगे। इसके बाद ठोस कार्रवाई होगी। डेल्हा थाने की पुलिस ने कहा कि संबंधित मामले में जांच पूरी नहीं हुई है। इस वजह से आरोपित की गिरफ्तारी नहीं की गई है। फिलहाल पूछताछ चल रही है।

इधर संबंधित मामले में आरोपित टीचर को स्कूल प्रबंधन ने घटना के दूसरे दिन ही हटा दिया था। आरोपित टीचर कांट्रेक्ट पर काम कर रही थी।

पीड़ित छात्र।
पीड़ित छात्र।

इस्कॉन के साथ अन्य हिंदू संगठन आक्रोशित
आस्था के साथ खिलवाड़ करने और घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी विद्यालय प्रबंधन व शिक्षिका पर कानूनी कार्रवाई नहीं किए जाने से इस्कॉन व अन्य हिंदू संगठन आक्रोशित हैं। इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष जगदीश श्यामदास ने कहा है कि केंद्रीय विद्यालय में पिछले कई दिनों से शिखा और तिलक धारण करने को लेकर छात्र को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। दो दिन पूर्व सनातन धर्म के अति विशिष्ट धार्मिक पुस्तक को इस विद्यालय में एक शिक्षिका द्वारा कूड़ेदान में फेंक दिया गया था। उन्होंने बताया जिस छात्र के साथ घटना हुई है। वह इस्कॉन मंदिर का सेवक है।

मामले में अध्यक्ष एवं पीड़ित छात्र के पिता ने कहा कि इस तरह की घटना और आस्था के साथ खिलवाड़ करने के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिए गए थे। लेकिन आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया। यही नहीं, SSP से मुलाकात कर आवेदन देने की कोशिश की गई। वहां भी आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।

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