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शहर में समारोहपूर्वक मनाया गया हिंदी दिवस:पारंपरिक व व्यावहारिक जीवन विधा है हिंदी: डॉ. विवेकानंद

गया6 दिन पहले
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डॉक्टर विवेकानंद पथ गोल बगीचा स्थित आयुर्वेद चिकित्सा भवन में मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान एवं भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह पूर्वक मनाई गई। विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय महासचिव डा. विवेकानंद मिश्र ने समारोह का शुभारंभ किया।

डा. विवेकानंद मिश्र ने कहा कि आजादी के इतने दिनों के बाद भी हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित नहीं करना स्पष्ट ही सरकार के साथ सभी राजनीतिक दलों की बेईमानी एवं इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है, जो भारत वासियों के लिए घोर चिंता एवं चुनौती का विषय है।

समारोह में जिन प्रमुख व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए, उनमें आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज गया के पूर्व प्राचार्य डॉ रामेश्वर त्रिपाठी, मगध विश्वविद्यालय के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉक्टर बी एन पांडे, प्रोफेसर रीना सिंह, डा. ज्ञानेश भारद्वाज, पार्वती देवी, किरण पाठक, केशव लाल भईया, बैजनाथ चौबे, डा. मंटू मिश्रा, समाज सेविका रूबी पांडेय, गाजो लाल कटरियार, कविता वैष्णवी गुर्दा, डॉ मधु मीना, रूबी, अरविंद यादव, सुमा तारा चक्रवर्ती, ललिता देवी, शंभू गिरी, पुष्पा गुप्ता, नीलम पासवान शामिल हैं।

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